शहरी चौपाल ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। पेट की बीमारियों के साथ दर्दयुक्त डायरिया और वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 150 से अधिक मरीज इन्हीं समस्याओं को लेकर उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
इन दिनों दोपहर का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा है, जबकि रात में तापमान लगभग आधा रह जाता है। दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर होने से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है। इसके साथ ही खानपान में लापरवाही के कारण पेट संबंधी रोग तेजी से फैल रहे हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. योगेन्द्र त्रिखा ने बताया कि बढ़ते तापमान के बीच लोग भोजन को लेकर सावधानी नहीं बरत रहे हैं। बासी या लंबे समय तक रखा भोजन पेट खराब कर सकता है। फ्रिज में रखे आटे की रोटियां बनाना भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने सलाह दी कि इस मौसम में ताजा और गरम भोजन का सेवन करें तथा फल और हरी सब्जियों को आहार में शामिल करें। अधिक तला-भुना भोजन से परहेज करना चाहिए।
डॉ. त्रिखा के अनुसार रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण मामूली संक्रमण भी गंभीर रूप ले सकता है। डायरिया, उल्टी, पेट दर्द या वायरल बुखार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। शरीर में पानी की कमी न होने दें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम परिवर्तन के इस दौर में सतर्कता और संतुलित आहार ही बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।








