शहरी चौपाल ब्यूरो
मुजफ्फरनगर । कोतवाली नगर पुलिस ने राजमार्ग पर स्वयं को परिवहन विभाग का अधिकारी बताकर वाहन चालकों से अवैध वसूली करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने घेराबंदी कर गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से नकदी, फर्जी रसीदें और कथित सरकारी सामान बरामद किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक बबलू सिंह वर्मा की टीम को सूचना मिली थी कि रोहाना टोल प्लाजा के पास कुछ लोग परिवहन विभाग का लोक सेवक बनकर परावर्तक पट्टी लगाने और सड़क सुरक्षा के नाम पर अवैध धन वसूल रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर घेराबंदी की और सभी आरोपियों को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 52,690 रुपये नकद, 145 फर्जी रसीदें (पीली, नीली, लाल और सफेद), परावर्तक, कमर पेटी, सीटी तथा एक कार (यूपी 11 सीटी 0623) बरामद की गई। पुलिस के अनुसार गिरोह लंबे समय से राजमार्ग पर वाहन चालकों को झांसा देकर धन उगाही कर रहा था।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों में धीरेंद्र सिंह (पिलखुवा, हापुड़), गुलवीर राणा (दोघट, बागपत), शिवदीप त्यागी (अमीनगर सराय, बागपत), मंगेशपाल (लोनी, गाजियाबाद), वरुण खोखर (शहादरा, दिल्ली), विजय कुमार (कंकरखेड़ा, मेरठ), गौरव कुमार (सिविल लाइन, मुजफ्फरनगर) और अनुज कुमार (फतेहपुर, सहारनपुर) शामिल हैं।
पुलिस टीम को मिली सफलता
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बबलू सिंह वर्मा, उपनिरीक्षक मोहित कुमार, बच्चू सिंह, सहीराम नागर, मुख्य आरक्षी राजेंद्र, आरक्षी राजू सिंह, रहीस आजम, पवन सोलंकी और चालक आरक्षी सुशील कुमार शामिल रहे। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर उन्हें जेल भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजमार्ग पर अवैध वसूली और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।








