शहरी चौपाल ब्यूरो
लखनऊ। प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के लिए पांच-पांच करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सभी विधायक एक सप्ताह के भीतर अपने क्षेत्र की आवश्यक योजनाओं का प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजें, ताकि उनका परीक्षण कर शीघ्र स्वीकृति दी जा सके।मुख्यमंत्री सोमवार को अपने सरकारी आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों से संवाद कर रहे थे।
करीब आधे घंटे चली इस बैठक में उन्होंने जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों में रहकर जनता की समस्याओं का समाधान कराने और विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक अपने क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार के जनहित से जुड़े कार्यों के प्रस्ताव भेज सकते हैं। इनमें सड़क निर्माण, बारात घर, सामुदायिक केंद्र, पुल, कन्वेंशन सेंटर, सड़कों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण तथा तहसील, जिला और उच्च न्यायालयों में अधिवक्ताओं के लिए चेंबर निर्माण जैसी योजनाएं शामिल की जा सकती हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायक अपने क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार अन्य जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों के लिए भी प्रस्ताव दे सकते हैं, ताकि विकास कार्यों का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायकों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों का परीक्षण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और स्वीकृति मिलने के बाद धनराशि शीघ्र जारी की जाए।बैठक में प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। सरकार की इस पहल को प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार योजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








