शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ की कोर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक में निजी स्कूलों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आगामी 23 मार्च को लखनऊ स्थित शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान प्रदेश भर के निजी स्कूल संचालकों और शिक्षकों से बड़ी संख्या में लखनऊ पहुंचने का आह्वान किया गया।
लेबर कॉलोनी स्थित एक विद्यालय में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक ने कहा कि पहले 17 मार्च को शिक्षा निदेशक बेसिक लखनऊ को ज्ञापन देने का कार्यक्रम तय किया गया था, लेकिन ईद के त्योहार के कारण इसे स्थगित कर अब 23 मार्च को घेराव करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि मान्यता प्राप्त विद्यालयों की फ्री प्राइमरी कक्षाओं को समाप्त कर प्री-प्राइमरी की अलग से मान्यता लेने के लिए निजी स्कूलों पर दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा नर्सरी कक्षाओं के नाम पर निजी विद्यालयों का शोषण किया जा रहा है।

डॉ. मलिक ने कहा कि आरटीई के अंतर्गत पढ़ने वाले गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति वर्ष 2016 से अब तक आधी-अधूरी दी जा रही है। इसके अलावा शिक्षा विभाग में फर्जी सूचनाएं, फर्जी मान्यताएं और फर्जी जांच के माध्यम से मान्यता प्राप्त स्कूलों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे संगठन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
उन्होंने सभी स्कूल संचालकों और शिक्षक बंधुओं से अपील की कि 23 मार्च को अधिक से अधिक संख्या में लखनऊ पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएं।
बैठक को प्रदेश प्रभारी धनंजय शर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष वीरेंद्र पंवार, अरविंद शर्मा, के.पी. सिंह, दिनेश रूपड़ी, अशोक सैनी, विक्रम सिंह, अजय सिंह रावत, अमजद अली एडवोकेट, गय्यूर आलम, अनिल सचदेवा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।
बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा ने की, जबकि संचालन अरविंद शर्मा ने किया।









