शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। भारतीय नववर्ष एवं चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सहारनपुर महानगर द्वारा शहर की विभिन्न बस्तियों में वर्ष प्रतिपदा उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रमों में स्वयंसेवकों ने राष्ट्र आराधना का संकल्प लेते हुए सांस्कृतिक परंपराओं का स्मरण किया।
शिवाजी नगर स्थित चंद्र बस्ती में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजन और सरसंघचालक को नमन के साथ हुआ। इस अवसर पर भाग संघचालक सुरेंद्र लूथरा, महानगर बौद्धिक प्रमुख सुरेश एवं महानगर कार्यवाह रमेश की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता संघचालक प्रमोद ने अपने संबोधन में कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इसी दिन सृष्टि की रचना हुई तथा सम्राट विक्रमादित्य ने शकों पर विजय प्राप्त कर राष्ट्र के स्वाभिमान को पुनर्जीवित किया था।
इसी क्रम में माधव नगर की बलदेव बस्ती में भी नववर्ष उत्सव उत्साहपूर्वक मनाया गया। यहां भाग सह संघचालक राकेश एवं महानगर प्रचारक कविंद्र मुख्य रूप से उपस्थित रहे। महानगर प्रचार प्रमुख अनुराग ने कहा कि भारतीय नववर्ष हमारी सभ्यता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जिसे पूरे गौरव के साथ मनाया जाना चाहिए।
वक्ताओं ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के राज्याभिषेक और छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित हिंदवी स्वराज जैसे ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए भारतीय परंपराओं की महत्ता पर प्रकाश डाला।
नगर सह कार्यवाह विश्वजीत ने बताया कि कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की सहभागिता रही। साथ ही वक्ताओं ने भारतीय काल-गणना की वैज्ञानिकता पर प्रकाश डालते हुए विक्रम संवत को विश्व की प्राचीनतम पद्धतियों में से एक बताया।
कार्यक्रम के दौरान स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा आर्य समाज की स्थापना और राष्ट्र जागरण में इस तिथि के महत्व को भी रेखांकित किया गया।









