शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर । मुंह में बार-बार छाले होना या लगातार दुर्गंध आना सामान्य समस्या नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार इसे नजरअंदाज करना आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। समय रहते उपचार और सही देखभाल बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मुंह से दुर्गंध आना दांतों और मसूड़ों में पनप रहे बैक्टीरिया का संकेत हो सकता है। दांतों में फंसी गंदगी सड़ने लगती है, जिससे बैक्टीरिया बढ़ते हैं और यही बदबू का कारण बनते हैं। यदि समय पर सफाई न की जाए तो ये बैक्टीरिया खून में पहुंचकर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकते हैं और हृदय संबंधी रोगों का खतरा भी बढ़ा सकते हैं।

लंबे समय तक मुंह की साफ-सफाई में लापरवाही बरतने से पायरिया जैसी बीमारी हो सकती है, जिसमें मसूड़े कमजोर होकर दांत ढीले होने लगते हैं और मुंह से लगातार बदबू आती रहती है। वहीं तंबाकू और पान मसाले का सेवन करने वालों में यह समस्या अधिक तेजी से बढ़ती है और मुख कैंसर का खतरा भी बना रहता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, करीब 60 प्रतिशत लोग मौखिक स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह हैं, जिनमें युवाओं और बच्चों की संख्या भी काफी है। सुबह की जल्दबाजी में ठीक से ब्रश न करना और नियमित सफाई न करना इन समस्याओं को बढ़ावा देता है।
खानपान में सुधार जरूरी
विशेषज्ञ बताते हैं कि बाहर के खाद्य पदार्थों में केमिकल की अधिकता दांतों और मुंह की सेहत पर बुरा असर डालती है। मुंह में संक्रमण होने पर जीभ और अंदरूनी त्वचा पर छाले हो सकते हैं। बार-बार छाले होने पर खानपान में सुधार करना और चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
मौखिक स्वच्छता के लिए अपनाएं ये उपाय
सुबह और रात में दिन में दो बार हल्के हाथ से कम से कम दो मिनट तक ब्रश करें। जीभ की सफाई अवश्य करें और हर भोजन के बाद कुल्ला करने की आदत डालें। सॉफ्ट ब्रश का इस्तेमाल करें ताकि मसूड़ों को नुकसान न पहुंचे। तंबाकू और पान मसाले से दूर रहें तथा साल में कम से कम एक बार दांतों की जांच जरूर कराएं।
विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी और नियमित सफाई से मुंह से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।








