शहरी चौपाल ब्यूरो
झिंझाना (शामली)। माहे रमजान के आखिरी जुमा यानी अलविदा जुमे की नमाज पूरे उल्लास और अकीदत के साथ अदा की गई। कस्बे सहित देहात क्षेत्रों में सुबह से ही धार्मिक माहौल देखने को मिला, जहां बच्चे और नवयुवक नए कपड़े पहनकर मस्जिदों में नमाज अदा करने पहुंचे।
शाही जामा मस्जिद नीला रोजा में मौलाना याकूब ने नमाजियों को जकात अदा करने की ताकीद करते हुए कहा कि हर मुस्लिम को अपने माल का हिसाब कर ढाई प्रतिशत हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को देना चाहिए। वहीं खारे वाली मस्जिद में मौलाना शुएब ने रोजों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ईद से पहले सदका-तुल-फितर अदा करने की अपील की।
मदरसा नूरिया मस्जिद में कारी वकील, तकिए वाली मस्जिद में मुफ्ती अनवर शाह, मंगते वाली मस्जिद में हाफिज अय्यूब और सलारे वाली मस्जिद में हाफिज इरशाद ने नमाज अदा कराई और लोगों को धार्मिक संदेश दिए।
नमाज के बाद ईद की तैयारियों को लेकर बाजारों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कपड़े, जूते, टोपी और अन्य सामान की खरीदारी के लिए लोग बड़ी संख्या में बाजार पहुंचे, जिससे बाजारों में रौनक देखने को मिली।
शहर काजी मौलाना अकरम द्वारा ईदगाह में ईद की नमाज सुबह 8 बजे अदा कराए जाने की जानकारी दी गई। वहीं अलविदा जुमे को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखते हुए नमाज सकुशल सम्पन्न कराई गई।








