शहरी चौपाल ब्यूरो
Saharanpur। जिलाधिकारी Manish Bansal की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल कॉरिडोर टीम द्वारा सुझाए गए सुधारात्मक कार्यों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए और उनकी प्रगति नियमित रूप से अपडेट की जाए।
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी मुख्य मार्गों पर बने अवैध कटों को तत्काल बंद कराया जाए और सड़क किनारे अवैध पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। इसके साथ ही नवयुवकों द्वारा किए जा रहे स्टंट पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा गया। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पहले चालान, फिर ड्राइविंग लाइसेंस जब्ती और आवश्यक होने पर वाहन जब्ती या स्क्रैप तक की कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए। अंडरएज वाहन चालकों, विशेषकर छात्रों पर विशेष निगरानी रखने और कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही हाईवे पर चल रहे ई-रिक्शा के खिलाफ भी नियमित चालान करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने स्कूल वाहनों की फिटनेस पर विशेष ध्यान देने को कहा और निर्देश दिए कि कोई भी अनफिट वाहन सड़क पर न चले। निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाने वाले वाहनों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि शहर के जिन क्षेत्रों में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है, वहां हाईट बैरियर लगाकर नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही Uttar Pradesh State Road Transport Corporation की बसों को भी अव्यवस्थित ढंग से खड़ा न होने देने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने प्रधानमंत्री राहत योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को दुर्घटना के 7 दिनों के भीतर अधिकतम ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। सभी विभागों को इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता धर्मेन्द्र सिंह ने जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों के आधार पर 36 हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं और 15 अतिरिक्त संवेदनशील स्थलों को भी शामिल किया गया है। इन सभी स्थानों पर संयुक्त निरीक्षण कर सुधारात्मक कार्य प्राथमिकता से कराए जाएंगे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष बहादुर सिंह, पुलिस अधीक्षक यातायात शैलेन्द्र श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने अंत में निर्देश दिया कि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।








