शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। शहर में राशन कार्ड धारकों के नाम इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) के आधार पर काटे जाने के मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। इस कार्रवाई के खिलाफ जनप्रतिनिधियों में रोष बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में सर्वदलीय पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ सपा नेता एवं पार्षद अभिषेक टिंकू अरोड़ा के नेतृत्व में जिला पूर्ति अधिकारी से मिला और इस प्रक्रिया पर कड़ी आपत्ति जताई।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बीते कुछ दिनों से राशन डीलर कार्डधारकों को बुलाकर उनके नाम आईटीआर सूची में दिखा रहे हैं और इसी आधार पर राशन कार्ड काटने की चेतावनी दे रहे हैं। पार्षदों का आरोप है कि इससे गरीब और पात्र परिवारों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है और उन्हें सरकारी राशन से वंचित किया जा रहा है।
अभिषेक टिंकू अरोड़ा ने कहा कि कई लोग अपने बच्चों की शिक्षा, बेटियों के विवाह या छोटे व्यवसाय के लिए बैंक से ऋण लेने हेतु औपचारिक रूप से आयकर रिटर्न भरते हैं। इसका यह मतलब नहीं है कि वे आर्थिक रूप से सक्षम हो गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 7 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स नहीं था, जबकि वर्ष 2025-26 में यह सीमा 12 लाख रुपये तक कर दी गई है। ऐसे में केवल आईटीआर दाखिल करने के आधार पर राशन कार्ड काटना पूरी तरह अनुचित और अव्यावहारिक है।
पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राशन डीलर इस स्थिति का फायदा उठाते हुए लाभार्थियों को डराकर राशन वितरण में आनाकानी कर रहे हैं। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी से मांग की कि स्पष्ट आदेश जारी कर यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल आईटीआर के आधार पर किसी भी पात्र व्यक्ति का राशन कार्ड न काटा जाए।
इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने शहर की कुछ गैस एजेंसियों पर भी गंभीर आरोप लगाए। पार्षदों ने कहा कि कई एजेंसियां उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं करा रहीं और कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इस संबंध में अधिकारियों को एक लिखित पत्र सौंपते हुए जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
इस दौरान पार्षद हाजी गुलशेर, अहमद मलिक, राजीव अन्नू, नितिन जाटव, नदीम अंसारी, डॉ. एहतेशाम, हाजी नूरआलम, इमरान सैफी, डॉ. मोहतसिन, फराज अंसारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।








