विश्व क्षय रोग दिवस पर छुटमलपुर स्कूल में जागरूकता अभियान, बच्चों ने पोस्टर बनाकर दिया टीबी से बचाव का संदेश

सहारनपुर के छुटमलपुर प्राथमिक विद्यालय में विश्व क्षय रोग दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बच्चों ने पोस्टर बनाकर टीबी से बचाव के संदेश दिए और घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया।

 

अमित कुमार 

छुटमलपुर (सहारनपुर)। विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर प्राथमिक विद्यालय छुटमलपुर नंबर-2 में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं को क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक टीबी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जानकारी पहुंचाना और लोगों को इसके प्रति सचेत करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की शिक्षिका अंजली आर्य ने बच्चों को संबोधित करते हुए टीबी के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्व क्षय रोग दिवस मनाने का उद्देश्य इस घातक बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना है, ताकि समय रहते इसका इलाज कर जीवन को सुरक्षित बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह दिवस वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है और इसकी शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा की गई थी।

उन्होंने बच्चों को समझाया कि क्षय रोग मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है, लेकिन यह शरीर के अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। यह एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलती है। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक खांसी रहना, वजन घटना, बुखार आना और कमजोरी इसके प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच और उपचार कराना जरूरी है।

अंजली आर्य ने यह भी बताया कि धूम्रपान, कुपोषण, गंदगी और अस्वच्छ वातावरण टीबी के फैलने के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे स्वयं भी स्वच्छता का ध्यान रखें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं ने रंग-बिरंगे और संदेशपूर्ण पोस्टर बनाकर टीबी से बचाव का संदेश दिया। इन पोस्टरों में स्वच्छता, पौष्टिक आहार, समय पर इलाज और सावधानी बरतने के महत्व को दर्शाया गया। इसके बाद बच्चों ने शिक्षिका के साथ मिलकर गांव में घर-घर जाकर लोगों को टीबी के प्रति जागरूक किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को बताया कि टीबी का इलाज संभव है और सरकारी अस्पतालों में इसका मुफ्त उपचार उपलब्ध है।

कार्यक्रम में जिया, रिजा, अल्तमश, असद, सना, अबुजर सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई और अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। बच्चों के उत्साह और जागरूकता अभियान ने ग्रामीणों को भी प्रभावित किया और उन्होंने इस पहल की सराहना की।

कार्यक्रम के अंत में शिक्षिका ने सभी को स्वच्छता अपनाने, पौष्टिक भोजन करने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि समाज का हर व्यक्ति थोड़ी सी सावधानी बरते, तो टीबी जैसी बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।

इस तरह विद्यालय द्वारा आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम न केवल बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला साबित हुआ।

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