शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद सहारनपुर में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए खनन माफियाओं पर शिकंजा कस दिया है। Saharanpur Police के नेतृत्व में थाना चिलकाना पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने सघन चेकिंग अभियान के दौरान अवैध खनन सामग्री का परिवहन कर रहे चार ट्रकों को पकड़कर सीज कर दिया।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के निर्देशों के अनुपालन में की गई, जिसमें जिलेभर में अवैध खनन और उसके परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी सदर के निकट पर्यवेक्षण में तथा सहायक पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी चिलकाना सुश्री सिमरन सिंह (आईपीएस) के कुशल नेतृत्व में यह पूरी कार्रवाई अंजाम दी गई।
घटना के अनुसार 26 मार्च 2026 को थाना चिलकाना पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा पठेड चेक पोस्ट पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान चार संदिग्ध ट्रकों को रोका गया, जिनकी जांच करने पर पाया गया कि उनमें खनन सामग्री ओवरलोड करके अवैध रूप से परिवहन की जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि यह सामग्री यमुना नदी से अवैध रूप से निकाली गई थी, जो नियमों के विरुद्ध है।
पुलिस द्वारा पकड़े गए वाहनों में दो ट्रक ऐसे थे जिन पर आगे और पीछे नंबर प्लेट नहीं लगी हुई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि चालक और वाहन स्वामी अपनी पहचान छिपाने का प्रयास कर रहे थे। बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाना और अवैध खनन सामग्री का परिवहन करना दोनों ही गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं।
पुलिस ने मौके पर ही चारों ट्रकों को कब्जे में लेकर थाना परिसर में खड़ा करा दिया। इसके साथ ही संबंधित चालकों और वाहन स्वामियों के खिलाफ थाना चिलकाना में मुकदमा अपराध संख्या 110/26 के तहत विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। इनमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) और 317(2), सार्वजनिक संपत्ति क्षतिग्रस्त निवारण अधिनियम की धारा 3/4 तथा खान एवं खनिज अधिनियम की धारा 4/21 शामिल हैं।
इस कार्रवाई के दौरान जिन वाहनों को सीज किया गया, उनमें दो ट्रक केवल चैचिस नंबर के आधार पर पहचाने गए, जबकि अन्य दो ट्रकों के रजिस्ट्रेशन नंबर क्रमशः HR 58-D-8921 और UP11-BT-7320 पाए गए। पुलिस ने इन सभी वाहनों को विधिक कार्रवाई के तहत जब्त करते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।
अवैध खनन के मामलों में यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में यमुना नदी से अवैध रूप से रेत और अन्य खनिज सामग्री निकालने की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं। खनन माफिया अक्सर रात के समय या सुनसान इलाकों में इस तरह की गतिविधियों को अंजाम देते हैं और फिर बिना वैध अनुमति के इनका परिवहन करते हैं।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर हानि पहुंचाता है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न होने से बाढ़ और कटाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा अवैध खनन से आसपास के गांवों की जमीन भी प्रभावित होती है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना चिलकाना पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में थाना प्रभारी श्री विनोद कुमार, उप निरीक्षक श्री चन्द्रपाल सिंह, हेड कांस्टेबल संदीप कुमार तथा तहसील सदर सहारनपुर के संग्रहण अमीन श्री यशवंत सिंह शामिल रहे। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस अभियान को सफल बनाया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध खनन के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर ऐसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति अवैध खनन या उसके परिवहन में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में कहीं भी अवैध खनन या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। जनता के सहयोग से ही इस तरह के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में खनन माफियाओं के बीच हड़कंप मचा हुआ है और यह संदेश साफ हो गया है कि प्रशासन अब इस मुद्दे पर पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है। आने वाले दिनों में इस तरह की और भी कार्रवाई देखने को मिल सकती है, जिससे अवैध खनन पर लगाम लगाई जा सके।
अंततः यह कहा जा सकता है कि सहारनपुर पुलिस की यह कार्रवाई कानून व्यवस्था को मजबूत करने और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन की सक्रियता और सख्ती से यह उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में अवैध खनन जैसी गतिविधियों में कमी आएगी और जिले में पारदर्शी एवं वैध व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।








