शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर । सहारनपुर से लोकसभा सांसद Imran Masood ने संसद में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नागरिकों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए क्षेत्र में उच्च न्यायालय की खंडपीठ स्थापित करने की मांग की है उन्होंने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने के लिए यह मांग लंबे समय से चली आ रही है और अब इसे और अधिक समय तक नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए
लोकसभा में अपने भाषण के दौरान इमरान मसूद ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करीब 28 जनपदों के लाखों लोगों को न्याय पाने के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के तहत लोगों को इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंचने के लिए लगभग 800 किलोमीटर तक का लंबा सफर तय करना पड़ता है जो न केवल समय लेने वाला है बल्कि आर्थिक रूप से भी काफी बोझिल साबित होता है
उन्होंने यह भी कहा कि एक बार न्यायालय जाने में ही आम व्यक्ति का करीब 10 हजार रुपये तक खर्च हो जाता है जो गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए बहुत बड़ी राशि है ऐसे में कई लोग न्याय पाने से वंचित रह जाते हैं क्योंकि वे इस खर्च को वहन करने में सक्षम नहीं होते
सांसद ने अपने संबोधन में यह भी उल्लेख किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच की मांग कोई नई नहीं है बल्कि यह वर्षों पुरानी मांग है उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री Chaudhary Charan Singh का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी अपने समय में इस मुद्दे को उठाया था और क्षेत्र की जरूरत को समझते हुए इसकी वकालत की थी
इमरान मसूद ने कहा कि देश के कई अन्य राज्यों में उच्च न्यायालय की एक से अधिक पीठें स्थापित हैं जिससे वहां के नागरिकों को न्याय तक पहुंच आसान हो गई है उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ राज्यों में तीन तीन हाईकोर्ट बेंच मौजूद हैं जबकि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में यह सुविधा सीमित है
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में उच्च न्यायालय की दो बेंच हैं लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विशाल क्षेत्र को अभी तक इस सुविधा से वंचित रखा गया है जो कि क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय के समान है
सांसद ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि यदि इस लंबे समय से चली आ रही मांग पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो क्षेत्र की जनता में असंतोष बढ़ सकता है उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि आम जनता की जरूरत से जुड़ा हुआ विषय है
उन्होंने कहा कि न्याय प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए यह जरूरी है कि न्यायालयों की पहुंच आम लोगों तक आसान बनाई जाए और इसके लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की खंडपीठ की स्थापना अत्यंत आवश्यक है
इस मुद्दे को उठाते हुए इमरान मसूद ने सरकार को यह भी याद दिलाया कि न्याय केवल मिलना ही नहीं चाहिए बल्कि समय पर और सुलभ रूप से मिलना भी उतना ही जरूरी है उन्होंने कहा कि यदि लोगों को न्याय पाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़े और भारी खर्च उठाना पड़े तो यह न्याय व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है
इस दौरान कांग्रेस जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा ने भी सांसद द्वारा उठाए गए इस मुद्दे का समर्थन करते हुए कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों की यह मांग पूरी तरह जायज है और सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी यह मुद्दा काफी समय से चर्चा में रहा है और विभिन्न संगठनों द्वारा समय समय पर इस संबंध में आंदोलन और मांग उठाई जाती रही है
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना होती है तो इससे न केवल न्यायिक व्यवस्था में सुधार होगा बल्कि क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी
अंततः यह कहा जा सकता है कि सांसद इमरान मसूद द्वारा लोकसभा में उठाया गया यह मुद्दा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास है अब यह देखना होगा कि सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है और क्या आने वाले समय में क्षेत्र के लोगों को सुलभ न्याय की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया जाता है








