नोएडा । करीब 25 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सपना आखिरकार साकार हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का भव्य लोकार्पण किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने इसे “विकसित उत्तर प्रदेश की नई उड़ान” बताते हुए प्रदेश और देश के लिए मील का पत्थर करार दिया।
उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एयरपोर्ट केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि “टीम इंडिया” की सामूहिक शक्ति और आधुनिक भारत के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर से जोड़ेगी और क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगी।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश के उन राज्यों में शामिल हो गया है जहां सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे प्रमुख शहरों के लिए भी विकास के नए द्वार खोलेगा। इससे किसानों, छोटे उद्योगों और युवाओं को बड़े स्तर पर अवसर मिलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “यह एयरपोर्ट जनता की अमानत है” और कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों से मोबाइल फ्लैश लाइट जलाकर उद्घाटन में भागीदारी करने की अपील की। इस अनोखे तरीके से उन्होंने जनता को इस परियोजना का भागीदार बनाया।
इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट प्रदेश के विकास का प्रतीक है और इससे उत्तर प्रदेश को नई आर्थिक गति मिलेगी। उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश को कई बड़े प्रोजेक्ट मिले हैं, जिनका लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके प्रभावों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में ऊर्जा और आवश्यक वस्तुओं का संकट देखने को मिल रहा है, लेकिन भारत इस चुनौती का मजबूती से सामना कर रहा है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि आम नागरिकों और किसानों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त बोझ न पड़े।
उन्होंने यह भी बताया कि नोएडा एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और मजबूत बुनियादी ढांचे का उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” के प्रयासों से ही इतने कम समय में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट पूरे हो रहे हैं।
करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एयरपोर्ट के पहले चरण में आधुनिक सुविधाओं से लैस टर्मिनल और रनवे विकसित किए गए हैं। भविष्य में इसके विस्तार के साथ यह एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल हो सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां से हर दो मिनट में एक विमान उड़ान भरने की क्षमता विकसित की जा रही है, जो इसकी विशालता और महत्व को दर्शाता है।
यह एयरपोर्ट न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
कुल मिलाकर, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के विकास में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।








