शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर: जनपद सहारनपुर में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 28 मार्च 2026 को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर द्वारा की गई, जिसमें पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, सहायक पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत की जाने वाली कार्यवाहियों की समीक्षा करना तथा उन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा। इस दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाया जाए और इस अवैध कारोबार में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ कठोर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गोष्ठी में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही के कारण अभियोग कमजोर न पड़े। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अभियुक्तों को न्यायालय में सजा दिलाना भी उतना ही आवश्यक है।
इसके लिए साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को बेहद मजबूत और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए। बरामदगी के मामलों में सीलिंग, सैंपलिंग, फॉरेंसिक परीक्षण और अन्य विधिक प्रक्रियाओं को पूरी सावधानी और नियमों के अनुसार पूरा करने पर बल दिया गया। अधिकारियों को बताया गया कि छोटी-छोटी तकनीकी त्रुटियां भी केस को कमजोर कर सकती हैं, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता बरतना जरूरी है।
बैठक के दौरान जनपद के उन क्षेत्रों की पहचान करने पर भी चर्चा की गई, जहां मादक पदार्थों की गतिविधियां अधिक पाई जाती हैं। ऐसे हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाने और नियमित चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के लिए पुलिस को सक्रिय रहने को कहा गया।
सूचना तंत्र को मजबूत बनाने पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि स्थानीय स्तर पर मुखबिर तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि समय रहते सूचनाएं प्राप्त हो सकें और कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए भी अपराधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मादक पदार्थों का अवैध कारोबार समाज के लिए गंभीर खतरा है, जो युवाओं को गलत दिशा में ले जा रहा है। इसलिए इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस को पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर इस अभियान को सफल बनाएं।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में समयबद्ध जांच और मजबूत चार्जशीट दाखिल करना बेहद आवश्यक है, जिससे न्यायालय में अभियुक्तों को सजा दिलाई जा सके। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
इस गोष्ठी के माध्यम से सहारनपुर पुलिस ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि जनपद में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और किसी भी सूरत में मादक पदार्थों के कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस प्रशासन की इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में जनपद में नशे के खिलाफ अभियान और अधिक प्रभावी होगा तथा समाज को इस गंभीर समस्या से राहत मिलेगी।








