शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर: सहारनपुर विकास प्राधिकरण द्वारा स्थापित ट्रांसपोर्ट नगर इन दिनों बदहाली का शिकार बना हुआ है। क्षेत्र में गंदगी, जाम नालियां और मच्छरों का बढ़ता प्रकोप स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों के लिए गंभीर समस्या बन चुका है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और नगर निगम का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।
ट्रांसपोर्ट नगर के अंदर हालात इतने खराब हैं कि अधिकांश नालियां पूरी तरह से बंद पड़ी हैं और उनमें गंदा पानी जमा हुआ है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कों और नालियों में सड़ांध फैल रही है, जिससे वातावरण दूषित हो गया है। शाम होते ही मच्छरों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे यहां काम करने वाले लोगों का बैठना तक मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि शाम करीब 5 बजे के बाद स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। मच्छरों की भरमार के कारण उन्हें अपनी दुकानों पर बैठने के लिए मच्छर भगाने वाली दवाइयों जैसे मार्टिन या ऑल आउट का सहारा लेना पड़ता है। वहीं ट्रक ड्राइवरों की स्थिति और भी दयनीय है, जिन्हें पूरी रात अपनी गाड़ियों में मच्छरों से जूझते हुए बितानी पड़ती है।
ट्रांसपोर्ट नगर में नियमित सफाई व्यवस्था का पूरी तरह अभाव दिखाई देता है। नगर निगम द्वारा न तो नालियों की सफाई कराई जा रही है और न ही फॉगिंग की कोई व्यवस्था की गई है। इससे क्षेत्र में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जो आने वाले गर्मी के मौसम में और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।
स्थानीय लोगों और ट्रांसपोर्टरों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि ट्रांसपोर्ट नगर की सफाई व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। नालियों की नियमित सफाई कराई जाए, जमा गंदगी को हटाया जाए और मच्छरों के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए नियमित रूप से फॉगिंग कराई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर में बाहर से आने वाले ड्राइवर और व्यापारी भी आते हैं, ऐसे में यहां की खराब व्यवस्था न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि बाहरी लोगों के लिए भी स्वास्थ्य संबंधी खतरा बन रही है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
ट्रांसपोर्टरों ने नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लें और जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि क्षेत्र को गंदगी और मच्छरों के आतंक से राहत मिल सके और लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।








