शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत थाना कुतुबशेर पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए जागरूकता चौपाल का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों, आत्मसुरक्षा के उपायों और साइबर अपराध से बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
थाना कुतुबशेर की एंटी रोमियो/मिशन शक्ति टीम द्वारा नदीम कॉलोनी में आयोजित इस चौपाल में बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपनिरीक्षक सविता चौधरी, हेड कांस्टेबल मोंटी, कांस्टेबल कविंदर और पीआरडी निशा ने उपस्थित महिलाओं को जागरूक करते हुए बताया कि आज के समय में महिलाओं का सजग और जागरूक होना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों जैसे महिला हेल्पलाइन, पुलिस सहायता नंबर आदि की जानकारी दी और बताया कि किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों पर तुरंत संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है। साथ ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने और कानून का सहारा लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।
चौपाल में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेष रूप से ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, लिंक और ओटीपी शेयरिंग से जुड़े खतरों के बारे में विस्तार से बताया गया। पुलिस टीम ने महिलाओं को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति से फोन या इंटरनेट के माध्यम से अपनी निजी जानकारी साझा न करें और सतर्क रहें।
इसके अलावा एंटी रोमियो टीम द्वारा शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों जैसे बाजार, कोचिंग सेंटर और अस्पतालों के आसपास भी जागरूकता अभियान चलाया गया। यहां आने-जाने वाली महिलाओं और छात्राओं से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनी गईं और उन्हें सुरक्षा से जुड़े आवश्यक सुझाव दिए गए।
कार्यक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को आत्मरक्षा के छोटे-छोटे उपाय भी बताए, जिससे वे किसी भी विपरीत परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें। साथ ही जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पंपलेट भी वितरित किए गए, जिनमें महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर और सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई थी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि समाज में सुरक्षा और जागरूकता का वातावरण तैयार किया जा सके।
इस पहल को स्थानीय लोगों ने सराहा और पुलिस की इस सक्रियता को महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक कदम बताया। आने वाले समय में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को जागरूक करने का अभियान जारी रहेगा।








