सहारनपुर में ‘नीला आसमान’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण, समाजसेवी विशंभर सिंह पुंडीर के जीवन कृतित्व को मिली नई पहचान

सहारनपुर के पानसर में ‘नीला आसमान’ पुस्तक का लोकार्पण हुआ। गणमान्य अतिथियों ने विशंभर सिंह पुंडीर के जीवन, समाज सेवा और योगदान को सराहा।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। जनपद के पानसर स्थित किसान विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित एक भव्य समारोह में पूर्व शासकीय अधिवक्ता बाबू विशंभर सिंह पुंडीर के जीवन कृतित्व पर आधारित पुस्तक “नीला आसमान” का लोकार्पण नगर के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। यह आयोजन न केवल साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि समाजसेवा और प्रेरणादायक जीवन मूल्यों को भी नई पहचान देने वाला साबित हुआ।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने पुस्तक का विमोचन करते हुए विशंभर सिंह पुंडीर के जीवन, उनके योगदान और समाज सेवा के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक केवल एक व्यक्ति के जीवन की कहानी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत है, जो आने वाली पीढ़ियों को सकारात्मक दिशा प्रदान करेगी।

समारोह के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विशंभर सिंह पुंडीर का जीवन संघर्ष, ईमानदारी और समाज के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से यह सिद्ध किया कि एक व्यक्ति अपने कर्मों और सेवा भावना से समाज में स्थायी पहचान बना सकता है।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि “नीला आसमान” पुस्तक यह दर्शाती है कि यदि व्यक्ति में सेवा और समर्पण का भाव हो, तो वह अपने जीवन को समाज के लिए एक आदर्श बना सकता है। यह पुस्तक युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने में मदद करेगी।

इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों द्वारा भी विशंभर सिंह पुंडीर का सम्मान किया गया। क्षत्रिय महासभा, पंजाबी महासभा, उद्योग व्यापार मंडल, भारत विकास परिषद सहित कई संगठनों ने उन्हें सम्मान पत्र भेंट कर उनके योगदान को सराहा।

सम्मान से अभिभूत विशंभर सिंह पुंडीर ने अपने संबोधन में कहा कि समाज द्वारा दिया गया यह सम्मान उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और वह भविष्य में भी इसी प्रकार समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक उनके जीवन के अनुभवों को समाज के सामने रखने का एक प्रयास है, जिससे लोग प्रेरणा ले सकें।

पुस्तक के लेखक पदम सिंह और डॉ. वीरेंद्र आजम के बारे में जानकारी देते हुए आयोजकों ने बताया कि “नीला आसमान” नाम इसीलिए चुना गया है क्योंकि आकाश की तरह ही विशंभर सिंह पुंडीर की सेवा भावना और कार्यों का कोई अंत नहीं है। उनका जीवन निरंतर समाज के लिए समर्पित रहा है।

कार्यक्रम में शहर के अनेक गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को एक महत्वपूर्ण पहल बताया, जो समाज में सकारात्मक सोच और सेवा भावना को बढ़ावा देने का कार्य करेगा।

कुल मिलाकर यह समारोह साहित्य, समाज सेवा और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के संगम का प्रतीक रहा, जिसने उपस्थित लोगों के मन में एक सकारात्मक छाप छोड़ी और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।

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