शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्कूली वाहनों के संचालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने नए विकसित पोर्टल पर डेटा फीडिंग और वाहनों की फिटनेस जांच को अनिवार्य बताते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी स्कूल संचालकों, प्रधानाचार्यों और प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने आवंटित लॉगिन आईडी के माध्यम से नए पोर्टल पर तत्काल जानकारी अपडेट करें। उन्होंने कहा कि स्कूलों में उपयोग हो रहे सभी वाहनों का पूरा विवरण पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है, जिससे पारदर्शिता बढ़े और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से चल रहे फिटनेस जांच अभियान पर जोर देते हुए कहा कि 15 अप्रैल 2026 तक सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच हर हाल में पूरी कर ली जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना वैध फिटनेस प्रमाण पत्र और निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा किए कोई भी वाहन सड़क पर नहीं चलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। तकनीकी खराबियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह पहल बेहद आवश्यक है।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिया कि अगले 15 दिनों के भीतर ‘स्कूली वाहन सड़क सुरक्षा समिति’ की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। इस बैठक में वाहन सुरक्षा, ड्राइवरों की जिम्मेदारी, आपातकालीन व्यवस्थाओं और अन्य जरूरी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि नए पोर्टल पर डेटा फीडिंग और फिटनेस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। उन्होंने दोहराया कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक अरविंद पाठक और एआरटीओ प्रवर्तन एम.पी. सिंह ने पोर्टल की तकनीकी प्रक्रिया और प्रवर्तन कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सुमित महाजन, विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य, प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, जिला प्रशासन की यह पहल स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता को दर्शाती है और उम्मीद की जा रही है कि इससे जनपद में स्कूली परिवहन व्यवस्था और अधिक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनेगी।








