शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। थाना साइबर क्राइम सहारनपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ट्रेडिंग के नाम पर 1 करोड़ 31 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले शातिर जालसाज को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया गया। इस संबंध में ओम बिंदल (पुलिस अधीक्षक नगर) ने प्रेस वार्ता कर पत्रकारों को विस्तृत जानकारी दी।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि 16 फरवरी 2026 को बेहट रोड स्थित मंगलम एंटरप्राइजिज के संचालक अंशुल गुप्ता द्वारा थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात व्यक्ति ने ट्रेडिंग के नाम पर कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उनसे 1,31,25,200 रुपये का निवेश कराया, लेकिन बाद में रकम वापस नहीं की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 1 अप्रैल 2026 को आरोपी भूपेंद्र पुत्र रूप सिंह निवासी खातीपुरा, जयपुर (राजस्थान) को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित एक होटल से गिरफ्तार कर लिया।
प्रेस वार्ता में ओम बिंदल ने बताया कि आरोपी KU COIN एप के माध्यम से MING COIN नामक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म संचालित करता था। वह लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराता था और बाद में रकम निकालने पर पैसे वापस नहीं करता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 25,650 रुपये नगद, पांच विदेशी करेंसी नोट, दो स्मार्टफोन, एक टैबलेट, 13 चेकबुक, 22 डेबिट कार्ड, एक भरा हुआ चेक, एक खाली चेक, पैन कार्ड, वोटर आईडी, फ्लाइट टिकट तथा विभिन्न कंपनियों की मोहरें बरामद की हैं। बरामद सामग्री से यह भी संकेत मिल रहा है कि आरोपी संगठित तरीके से साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के आधार पर मुकदमे में अन्य धाराएं बढ़ाते हुए आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक इन्द्रेश कुमार चौहान के नेतृत्व में उपनिरीक्षक पीयूष सिवाच, हेमंत भारती सहित साइबर क्राइम थाना टीम की सराहनीय भूमिका रही।
प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार के ऑनलाइन निवेश या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने से पहले उसकी सत्यता की अच्छी तरह जांच कर लें। लालच में आकर किसी अनजान एप या लिंक पर भरोसा न करें, अन्यथा इस प्रकार की साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं।








