शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। शहर में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाते हुए सर्किट हाउस से हसनपुर चुंगी तक बुलडोजर कार्रवाई की। इस दौरान भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती रही, जिससे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
अभियान के तहत दो जेसीबी मशीनों की मदद से करीब 70 छोटे-बड़े मकान, दुकान और कुछ स्कूलों से अतिक्रमण हटाया गया। प्रशासन के अनुसार ये सभी निर्माण सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से किए गए थे, जो सड़क चौड़ीकरण और नाला निर्माण में बाधा बन रहे थे।
कार्रवाई से पहले प्रशासन द्वारा संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे और कई स्थानों पर लाल निशान भी लगाए गए थे। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बुलडोजर चलाया।
सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने बताया कि सर्किट हाउस से हसनपुर चुंगी तक सड़क किनारे अतिक्रमण को हटाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि करीब 70 लोगों को पूर्व में नोटिस दिया गया था और नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
अभियान की शुरुआत सर्किट हाउस से की गई, जहां मानकों के अनुरूप नहीं बने गेट को भी हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी हसनपुर चैक तक जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में जहां भी अतिक्रमण मिलेगा, वहां इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, कार्रवाई से प्रभावित लोगों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से यहां रह रहे थे और कुछ समय पहले नगर निगम के निर्देशानुसार ही निर्माण कराया गया था। उनका आरोप है कि उन्हें 4 तारीख तक का समय दिया गया था, लेकिन उससे पहले ही अचानक बुलडोजर चलाकर उनके मकान और दुकानें तोड़ दी गईं।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि इस कार्रवाई से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि यदि समय दिया गया था तो उसी के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए थी, न कि जल्दबाजी में मकान गिराए जाएं।
इस मामले को लेकर प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच मतभेद की स्थिति बनी हुई है, वहीं शहर में इस कार्रवाई की चर्चा जोरों पर है।








