शहरी चौपाल ब्यूरो
देवबंद। देवबंद में लगाए गए स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। स्थिति यह है कि जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वहां बिजली आपूर्ति लगातार बाधित हो रही है, जिससे लोगों के घरों में अंधेरा छाया हुआ है।
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जैसे ही स्मार्ट मीटर का बैलेंस माइनस में जाता है, तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने हाल ही में बिजली बिल जमा किया, इसके बावजूद कुछ ही दिनों में फिर से बिजली काट दी गई। इससे लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें इस नई व्यवस्था की पूरी जानकारी नहीं है। UPCL Smart Meter App पर बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य है, लेकिन तकनीकी जानकारी के अभाव और साधारण मोबाइल फोन होने के कारण कई लोग इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
रेलवे रोड स्थित ऊर्जा निगम कार्यालय पर भी उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोग अपने मोबाइल हाथ में लेकर अधिकारियों से बिजली बहाल करने की गुहार लगाते नजर आए। हालांकि कई बार अधिकारी अपने कार्यालय में मौजूद नहीं मिले, जिससे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
एक महिला उपभोक्ता ने गुस्से में कहा कि सरकार की इस व्यवस्था से आम जनता को लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह आज उनके घरों में अंधेरा हो रहा है, उसी तरह वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में सरकार को इसका जवाब दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि स्मार्ट मीटर की व्यवस्था लागू करने से पहले जनता को पर्याप्त जानकारी और सुविधा दी जानी चाहिए थी। अचानक बिजली कटौती से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
इस पूरे मामले को लेकर उपभोक्ताओं में रोष बढ़ता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और ऊर्जा विभाग इस समस्या का समाधान कब तक निकालते हैं और लोगों को राहत मिल पाती है या नहीं।








