सहारनपुर में अजब मामला: घर पर खड़ी कार का उत्तराखंड में कटा ₹4000 का चालान, मालिक हैरान

सहारनपुर में हैरान करने वाला मामला सामने आया, जहां घर पर खड़ी कार का उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में ₹4000 का चालान कट गया। पीड़ित ने फर्जी नंबर प्लेट की आशंका जताते हुए जांच की मांग की।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। सहारनपुर में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने ट्रैफिक व्यवस्था और ई-चालान सिस्टम पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक व्यक्ति की कार, जो घर पर खड़ी थी, उसका चालान दूसरे राज्य उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में काट दिया गया।

थाना सदर बाजार क्षेत्र की गिल कॉलोनी निवासी राजीव ठाकुर के अनुसार, उनकी कार (संख्या UP16EV8049) पिछले कई दिनों से घर पर ही खड़ी थी। उन्होंने बताया कि होली के बाद से वाहन कहीं बाहर नहीं गया और लगातार सीसीटीवी निगरानी में था।

मोबाइल पर आया चालान, उड़ गए होश

राजीव ठाकुर ने बताया कि 3 अप्रैल को उनके मोबाइल पर ₹4000 के ई-चालान का मैसेज आया। मैसेज में दर्शाया गया कि उनका चालान पौड़ी गढ़वाल में काटा गया है और आरोप था कि वाहन चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।

यह जानकारी मिलते ही वह हैरान रह गए, क्योंकि उस समय उनकी गाड़ी उनके घर के बाहर ही खड़ी थी। उन्होंने तुरंत अपने स्तर पर जांच की और पाया कि गाड़ी कहीं भी इस्तेमाल नहीं हुई थी।

फर्जी नंबर प्लेट की आशंका

पीड़ित ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी गाड़ी के नंबर की फर्जी प्लेट लगाकर वाहन चलाया होगा, जिसके चलते यह चालान उनके नाम पर दर्ज हो गया।

राजीव ठाकुर का कहना है कि उनके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस मौजूद है और वह ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं। ऐसे में बिना किसी गलती के चालान कटना उनके लिए बेहद परेशान करने वाला है।

पुलिस और परिवहन विभाग से शिकायत

इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित ने थाना सदर बाजार में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही उन्होंने परिवहन विभाग (आरटीओ) और एसपी ट्रैफिक को भी शिकायत भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि यदि उनके वाहन नंबर का दुरुपयोग हो रहा है, तो इसे तुरंत रोका जाए, ताकि भविष्य में किसी गंभीर घटना की जिम्मेदारी उन पर न आए।

ई-चालान सिस्टम पर उठे सवाल

इस घटना के बाद ई-चालान प्रणाली की सटीकता पर भी सवाल उठने लगे हैं। आमतौर पर ट्रैफिक पुलिस कैमरों और डिजिटल सिस्टम के माध्यम से चालान जारी करती है, लेकिन इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि कहीं न कहीं सिस्टम में खामियां मौजूद हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि वाहन मालिकों को समय-समय पर अपने वाहन से संबंधित रिकॉर्ड और चालान की स्थिति की जांच करते रहना चाहिए। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करनी चाहिए।

जांच के बाद ही साफ होगी स्थिति

फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और पुलिस व परिवहन विभाग पूरे प्रकरण की पड़ताल कर रहे हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह तकनीकी त्रुटि है या फिर किसी संगठित तरीके से नंबर प्लेट का दुरुपयोग किया गया है। यह घटना न केवल वाहन मालिकों के लिए चेतावनी है, बल्कि प्रशासन के लिए भी एक चुनौती है कि डिजिटल सिस्टम को और अधिक सुरक्षित और सटीक बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

trfgcvkj.blkjhgfd

Leave a Comment

और पढ़ें

Horoscope

Weather

और पढ़ें
error: Content is protected !!

राज्य