शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत थाना जनकपुरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत करीब 48 करोड़ 99 लाख 16 हजार रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क की है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपराध से अर्जित संपत्तियों पर प्रहार के अभियान के तहत की गई, जिससे अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई उन अभियुक्तों के विरुद्ध की गई है, जिन्होंने संगठित गिरोह बनाकर अवैध गतिविधियों के जरिए बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की थी। कुर्क की गई चल एवं अचल संपत्तियों को विधिक प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार के पक्ष में जब्त किया गया है।
जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी प्रणय अनेजा है, जिसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह का गठन किया था। इस गिरोह के माध्यम से को-ऑपरेटिव कंपनी की आड़ में बड़े स्तर पर देशी शराब का अवैध निर्माण, परिवहन और बिक्री की जा रही थी। इसके अलावा सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के लिए दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया गया और जीपीएस व सीसीटीवी सिस्टम से छेड़छाड़ जैसी गंभीर अनियमितताएं भी की गईं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह ने महज 11 महीनों के भीतर ही करीब 35 करोड़ रुपये की एक्साइज चोरी को अंजाम दिया। इस मामले में पहले भी पुलिस द्वारा बड़ी मात्रा में अवैध शराब, ट्रक और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए जा चुके हैं, जिससे इस गिरोह के नेटवर्क का खुलासा हुआ था।

इस कार्रवाई के तहत तीन अभियुक्तों—मनोज जायसवाल, अजय जायसवाल और नीरज जायसवाल की संपत्तियों को कुर्क किया गया है। ये सभी विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं और इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में बरेली जनपद में स्थित कृषि भूमि, आवासीय मकान एवं प्लॉट, तथा पीलीभीत बाईपास योजना के अंतर्गत व्यावसायिक भूखंड शामिल हैं। इन सभी संपत्तियों की कुल बाजार कीमत लगभग 48.99 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इस बड़ी कार्रवाई को थाना जनकपुरी के प्रभारी निरीक्षक नेमचंद सिंह के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम में निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा, लाल सिंह, उपनिरीक्षक संजय कुमार शर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस टीम की इस कार्रवाई को विभाग में सराहनीय माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अपराध और अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त किया जाएगा, ताकि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
कुल मिलाकर जनकपुरी पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब अपराध से अर्जित संपत्ति सुरक्षित नहीं है और कानून के दायरे में आकर ही रहेगी।








