शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत अप्रैल माह में तीन महीने का राशन एक साथ दिए जाने की खबरों को लेकर फैली अफवाहों पर अब विराम लग गया है। जिला पूर्ति विभाग ने इन खबरों का स्पष्ट खंडन करते हुए कहा है कि इस प्रकार की कोई योजना लागू नहीं की गई है और सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी पूरी तरह भ्रामक है।
हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अन्य माध्यमों पर यह दावा किया जा रहा था कि सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को अप्रैल माह में ही तीन महीने का राशन एक साथ वितरित किया जाएगा। इस खबर के फैलते ही आम जनता में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई और कई लोग राशन दुकानों पर इस संबंध में जानकारी लेने पहुंचने लगे।
इस पूरे मामले पर जिला पूर्ति कार्यालय के एआरओ अवनीष कुमार मिश्रा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि तीन महीने का राशन एक साथ देने की बात पूरी तरह निराधार और अफवाह है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है और न ही किसी योजना के तहत इस प्रकार का वितरण प्रस्तावित है।
उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को जून माह से पहले अपने गोदाम खाली करने के लिए कहा गया है। इसी कारण राशन वितरण की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है, ताकि पुराने स्टॉक को समय रहते उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा सके और नए अनाज के भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके।
अवनीष कुमार मिश्रा ने आगे बताया कि अप्रैल और मई माह के दौरान राशन का वितरण नियमित रूप से किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि जून माह में राशन वितरण नहीं किया जाएगा, क्योंकि उस समय गोदामों को खाली कर नए अनाज के भंडारण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस व्यवस्था को लेकर भी कई तरह की गलतफहमियां फैल रही हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गोदामों को खाली करने की प्रक्रिया एक नियमित प्रशासनिक कदम है, जिससे खाद्यान्न की गुणवत्ता बनाए रखने और नए उत्पादन के भंडारण में सुविधा मिलती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर और ताजा अनाज उपलब्ध कराना है, न कि किसी प्रकार की अतिरिक्त या अग्रिम आपूर्ति करना।
पूर्ति विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे इस प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी एवं आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि किसी को राशन वितरण से संबंधित कोई जानकारी चाहिए तो वह संबंधित राशन डीलर या पूर्ति विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकता है।
अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए नागरिकों को चाहिए कि वे जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें और अपुष्ट खबरों को आगे साझा न करें।
कुल मिलाकर, तीन माह का राशन एक साथ मिलने की खबरें पूरी तरह अफवाह साबित हुई हैं और विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि राशन वितरण पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही किया जाएगा।








