पृथक पश्चिम प्रदेश और किसान मुद्दों पर प्रधानमंत्री से मिलेंगे भाकियू वर्मा, भगत सिंह वर्मा ने उठाई बड़ी मांग

सहारनपुर में भाकियू वर्मा की बैठक में भगत सिंह वर्मा ने पश्चिम प्रदेश निर्माण, किसानों के कर्ज माफी और गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग उठाई, 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। पृथक पश्चिम प्रदेश के गठन और किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (वर्मा) ने एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद की है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने घोषणा की कि 14 अप्रैल को उनके नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मुलाकात करेगा और किसानों व राज्य पुनर्गठन से जुड़े अहम मुद्दों को उनके समक्ष रखेगा।

पेपर मिल रोड स्थित कार्यालय पर आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए भगत सिंह वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश का आकार अत्यधिक बड़ा होने के कारण प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रदेश को चार भागों में विभाजित करने की मांग करते हुए कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों को मिलाकर एक पृथक “पश्चिम प्रदेश” का गठन समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।

उन्होंने तर्क दिया कि छोटे राज्यों के निर्माण से प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होती है और विकास की गति तेज होती है। देश में पहले भी छोटे राज्यों के गठन से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, इसलिए केंद्र सरकार को राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन कर इस दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए।

भगत सिंह वर्मा ने प्रदेश की वर्तमान कानून व्यवस्था और प्रशासनिक स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के कारण आम जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों और कर्मचारियों में शासन का भय समाप्त हो चुका है, जिससे जनता का शोषण बढ़ रहा है। ऐसे में राज्य का विभाजन आवश्यक हो जाता है, ताकि प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत किया जा सके।

बैठक के दौरान किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उन्होंने कहा कि देश के अन्नदाता को उसकी फसल का लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने गन्ने का मूल्य 700 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित करने, चीनी मिलों से बकाया भुगतान ब्याज सहित दिलाने और किसानों के सभी कर्ज माफ करने की मांग की।

इसके अलावा उन्होंने डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को तत्काल लागू करने, मनरेगा योजना को खेती से जोड़कर किसानों को मजदूर उपलब्ध कराने और 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन देने की मांग भी रखी। उन्होंने यह भी कहा कि देश में सभी के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं निशुल्क होनी चाहिए।

भगत सिंह वर्मा ने सहारनपुर में एम्स और आईआईटी की स्थापना की भी मांग करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा सुधार आएगा। साथ ही उन्होंने सभी हाईवे और सड़कों से टोल टैक्स समाप्त करने की भी मांग उठाई।

बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सलाहकार हाफिज मूर्तजा त्यागी ने की, जबकि संचालन प्रदेश सचिव डॉ. परविंदर मलिक द्वारा किया गया। इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रस्तावों का समर्थन करते हुए आंदोलन को और मजबूत करने का संकल्प लिया।

बैठक में राष्ट्रीय महासचिव रामकुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. मुर्तजा सलमानी, प्रदेश मीडिया प्रभारी दुष्यंत सिंह, प्रदेश प्रवक्ता रोहित गौतम, प्रदेश सचिव रिशिपाल गुर्जर, मास्टर रईस अहमद, मंडल उपाध्यक्ष कृपाल सिंह चौधरी, जिला संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह एडवोकेट और जिला उपाध्यक्ष वसीम जहीरपुर सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।

कुल मिलाकर यह बैठक आगामी 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री से होने वाली मुलाकात को लेकर रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण रही। संगठन को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाएगा और किसानों के हित में ठोस निर्णय लिए जाएंगे।

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