शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उत्तर प्रदेश विधान परिषद की विनियमन समीक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक सर्किट हाउस सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति अश्विनी त्यागी ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी मनीष बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन द्वारा समिति के सभापति एवं अन्य सदस्यों को जनपद के ओडीओपी उत्पाद—काष्ठ निर्मित वस्तुएं एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
बैठक के दौरान आवास एवं शहरी नियोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, सहकारिता, नगर विकास, जल शक्ति, परिवहन, समाज कल्याण, लोक निर्माण, ग्राम्य विकास, वन, सिंचाई, खाद्य एवं रसद, नमामि गंगे, खनन और पशुधन जैसे कई विभागों की प्रगति रिपोर्ट की विस्तार से समीक्षा की गई।
समिति सभापति अश्विनी त्यागी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग शासनादेशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल का सम्मान किया जाए तथा उनके अनुभवों का लाभ योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में लिया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए पत्रों का समयबद्ध निस्तारण करते हुए उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी अवगत कराया जाए।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। अधिकारियों को आयुष्मान भारत योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि जरूरतमंदों को समय पर स्वास्थ्य लाभ मिल सके।
शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और पात्र छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाए। वहीं विद्युत विभाग को नियमित रूप से जिला विद्युत समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
लोक निर्माण विभाग को सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें नियमित करने और अवैध कटों को बंद कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पुलिस विभाग को मिशन शक्ति अभियान के तहत स्कूलों में जाकर छात्राओं को जागरूक करने के लिए कहा गया।
बैठक में बिना अनुमति अनुपस्थित अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उनसे स्पष्टीकरण लेने के निर्देश भी दिए गए। अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष बहादुर सिंह ने समिति को आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का प्राथमिकता के आधार पर पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
इस दौरान समिति सदस्य वीरेन्द्र सिंह, पवन कुमार सिंह, महापौर अजय कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, विधायक राजीव गुंबर, मुकेश चौधरी, किरत सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत राणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बेहद आवश्यक है।
कुल मिलाकर यह बैठक प्रशासनिक सक्रियता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आम जनता को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सकेगा।








