शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर मंडल में नवागत सहायक आबकारी आयुक्त प्रवर्तन विशाल वर्मा ने कार्यभार ग्रहण करते ही अवैध शराब के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। पदभार संभालने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडल में किसी भी कीमत पर शराब की तस्करी, ओवररेटिंग और अवैध रूप से शराब परोसने की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद विशाल वर्मा ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों और आबकारी निरीक्षकों की बैठक ली और उन्हें सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित चेकिंग अभियान चलाएं और यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी अवैध शराब की बिक्री या कच्ची शराब बनाने का धंधा संचालित न हो।
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सहारनपुर मंडल भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील है, क्योंकि इसके तीनों जिले अन्य राज्यों की सीमाओं से जुड़े हुए हैं। ऐसे में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से होने वाली शराब तस्करी पर विशेष निगरानी रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सीमावर्ती चेकपोस्टों पर सघन चेकिंग अभियान चलाने और बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की गहन जांच करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने मंडल की सभी अंग्रेजी और देशी शराब की दुकानों पर ओवररेटिंग और होलमार्किंग की भी नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई गई, तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विशाल वर्मा की पहचान एक सख्त और प्रभावी प्रशासनिक अधिकारी के रूप में रही है। उन्होंने अपने पूर्व कार्यकाल में प्रदेश में धारा-60क को प्रभावी रूप से लागू किया था, जिसमें दोष सिद्ध होने पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। इस कानून के लागू होने के बाद अवैध शराब के मामलों में कमी देखने को मिली थी।
इससे पहले वह लखनऊ, मेरठ, कानपुर, बरेली, बिजनौर, मुरादाबाद, लखीमपुर और सीतापुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी कार्यशैली से प्रशासनिक सख्ती का प्रभाव छोड़ा।
उनकी नियुक्ति से सहारनपुर मंडल में अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है। आम जनता और प्रशासन दोनों को उनसे काफी उम्मीदें हैं कि वे क्षेत्र में कानून व्यवस्था को और मजबूत करेंगे और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेंगे।








