शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । मंडलीय स्तर पर विकास कार्यों में तेजी लाने और लंबित मामलों के समाधान को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से सर्किट हाउस सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर आयुक्त (प्रशासन) रमेश यादव ने की, जो मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार के निर्देश पर आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार लाने और योजनाओं की रैंकिंग बेहतर करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज विकास कार्यों, कर एवं राजस्व वसूली, कानून व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं की स्थिति पर गहन चर्चा की गई। अपर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी विभाग अपने कार्यों को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पूरा करें, ताकि जनता को योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
हिंडन नदी की साफ-सफाई को लेकर भी बैठक में विशेष फोकस किया गया। सिंचाई विभाग को नोडल बनाते हुए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। नदी के किनारे जल शुद्धिकरण में सहायक पौधों के रोपण और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को ऑर्गेनिक खेती के प्रति जागरूक करने की बात कही गई। साथ ही औद्योगिक इकाइयों की निगरानी बढ़ाने और कूड़ा-कचरा निस्तारण को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में डे-एनआरएलएम, मुख्यमंत्री आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाएं, नमामि गंगे, फैमिली आईडी, 15वें वित्त आयोग, पर्यटन विभाग और सीएम युवा उद्यमी योजना सहित कई योजनाओं की खराब रैंकिंग पर नाराजगी व्यक्त की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं और अगली समीक्षा बैठक तक ठोस सुधार दिखाएं। पर्यटन विभाग को अगली बैठक में प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के माध्यम से अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया गया। अधिकारियों से कहा गया कि शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। इसके अलावा कर एवं राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए चकबंदी विभाग को पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों का शीघ्र निपटारा करने और तीन वर्ष से पुराने वादों को प्राथमिकता से समाप्त करने के निर्देश दिए गए।
अपर आयुक्त ने आबकारी, गन्ना, मंडी, खनन, परिवहन और राजस्व विभागों को अपनी वसूली बढ़ाने और राज्य स्तर पर रैंकिंग सुधारने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही या ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मंडल और जनपद स्तर के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की। प्रशासन ने उम्मीद जताई कि इस तरह की नियमित समीक्षा बैठकों से विकास कार्यों में तेजी आएगी और जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।







