अरविन्द कौशिक
शामली। नगर के मुंडेट रोड स्थित मां बगलामुखी मंदिर में देवी के जन्मोत्सव का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस पावन अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु एकत्रित हुए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर पूरे दिन भक्तिमय माहौल से गूंजता रहा।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने बताया कि मां बगलामुखी अपने भक्तों के भय को दूर कर उनकी रक्षा करती हैं और सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना को पूर्ण करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं अधिष्ठात्री देवी हैं, जिन्हें नकारात्मक शक्तियों को नियंत्रित करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।

माता का स्वरूप अत्यंत अद्भुत और शक्तिशाली माना जाता है। अधिकतर चित्रों में उन्हें शत्रु की जीभ पकड़कर वाणी और क्रियाओं पर नियंत्रण रखते हुए दर्शाया जाता है, जो उनके अद्वितीय सामर्थ्य का प्रतीक है। माता का विशेष संबंध पीले रंग से है, जिसके कारण उन्हें “पीताम्बरा देवी” के नाम से भी जाना जाता है।
जन्मोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत आचार्य मोहित नोटियाल द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन से हुई। इस दौरान मुख्य यजमान के रूप में नगर पालिका परिषद शामली के चेयरमैन अरविंद संगल एवं उनकी धर्मपत्नी मीनू संगल उपस्थित रहे। हवन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुति देकर अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर चेयरमैन अरविंद संगल ने कहा कि मां बगलामुखी की आराधना करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और उसे आत्मबल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि माता के प्रति सच्ची श्रद्धा और भक्ति रखने वाले भक्तों की हर मनोकामना अवश्य पूरी होती है।
पूजन के उपरांत मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति गीतों, आरती और सुंदर धार्मिक वातावरण ने उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां बगलामुखी का जन्म वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था और उसी दिन उनकी विशेष पूजा की जाती है। इस दिन भक्त विशेष साधना और अनुष्ठान कर देवी की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
मंदिर ट्रस्ट द्वारा कार्यक्रम की भव्य व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सुरक्षा, प्रसाद वितरण और बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी।
इस अवसर पर मीनू संगल, भारत संगल, हिमानी संगल, अनुराधा संगल, कविता संगल, परविंद संगल, अगस्त्य संगल, सुधीर सिंघल, विवेक मित्तल, अनिल बंसल, मधु बंसल, रूबी चौधरी, वीरेंद्र गर्ग, रश्मि गर्ग, सतबीर शर्मा, पवन संगल, मनीष मित्तल, पवन गोयल, मनीष भटनागर सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम के अंत में मंदिर में विशेष आरती की गई, जिसमें उपस्थित सभी भक्तों ने भाग लिया। इसके बाद प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
कुल मिलाकर यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा, जिसमें हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और मां बगलामुखी के चरणों में अपनी आस्था प्रकट की।







