शहरी चौपाल ब्यूरो
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और वैश्विक तनाव के कारण तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है, जिससे दुनिया के कई देशों में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। इसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है, जहां एलपीजी की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। हालांकि केंद्र सरकार ने स्थिति को देखते हुए तुरंत कदम उठाते हुए प्लान-बी लागू कर दिया है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत सरकार ने घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ विदेशों से अतिरिक्त गैस मंगाने की रणनीति अपनाई है। इसी के तहत अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नॉर्वे समेत कई देशों से एलएनजी और एलपीजी की अतिरिक्त खेपें भारत पहुंचनी शुरू हो गई हैं।
घरेलू उत्पादन में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव के कारण एलपीजी और तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के बीच भारत की प्रमुख रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
बताया जा रहा है कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों ने घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, ताकि देश में गैस की उपलब्धता बनाए रखी जा सके।
गैस आयात के स्रोत बढ़ाने की रणनीति
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार भारत पहले से ही गैस आयात के स्रोतों में विविधता लाने की नीति पर काम कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में खाड़ी क्षेत्र में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंकाओं को देखते हुए सरकार ने कई देशों से गैस आयात के विकल्प तैयार किए थे। मौजूदा परिस्थितियों में यही रणनीति भारत के लिए सहायक साबित हो रही है।
भारत में गैस की सबसे बड़ी आपूर्ति कतर से
आंकड़ों के अनुसार भारत में एलएनजी की सबसे अधिक आपूर्ति कतर से होती है, जिसकी हिस्सेदारी करीब 42 प्रतिशत है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात, अंगोला और नाइजीरिया से भी गैस आयात की जाती है।
एलपीजी आयात में भी खाड़ी देशों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। यूएई और कतर मिलकर कुल आयात का लगभग 62 प्रतिशत हिस्सा देते हैं। इनके बाद सऊदी अरब और कुवैत का स्थान आता है। हाल के वर्षों में अमेरिका भी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण गैस आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा है।
जमाखोरी रोकने के लिए सख्ती
संभावित संकट को देखते हुए सरकार ने कमर्शियल एलपीजी के इस्तेमाल पर भी कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
इसके लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति गठित की गई है, जो कमर्शियल प्रतिष्ठानों में एलपीजी की उपलब्धता और इस्तेमाल पर नजर रखेगी।
सरकार का कहना है कि संकट के समय किसी भी तरह की जमाखोरी या गैर-जरूरी इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम लोगों को घरेलू गैस की कमी का सामना न करना पड़े।









