सहारनपुर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान तेज, CDO की बैठक में सख्त निर्देश जारी

सहारनपुर के गंगोह में पुलिस मुठभेड़ के दौरान गौकशी के आरोपी को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया। एक साथी फरार, पुलिस ने कॉम्बिंग अभियान तेज किया।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर में संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने अभियान को तेज कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार अप्रैल माह में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 01 अप्रैल से 30 अप्रैल तक तथा दस्तक अभियान 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की समन्वय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अभियान की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग को नोडल विभाग के रूप में अभियान संचालित करने की जिम्मेदारी दी गई। समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे माइक्रोप्लान के अनुसार लक्ष्य के सापेक्ष कार्य सुनिश्चित करें। जिन ब्लॉकों में रिपोर्टिंग कम पाई गई, वहां विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जाएं, जिसमें संचारी रोगों से संबंधित प्रश्नों के माध्यम से बच्चों में जागरूकता बढ़ाई जाए।

जिला पंचायत राज अधिकारी को सरसावा ब्लॉक में संचारी रोग नियंत्रण गतिविधियों की विशेष निगरानी रखने तथा एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग नियमित रूप से कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि अभियान के दौरान घर-घर जाकर एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा सघन फीवर सर्वे किया जाएगा और संभावित क्षय रोगियों की पहचान कर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में नगर निगम के माध्यम से साफ-सफाई, जलभराव निस्तारण और एंटी लार्वा गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने पर जोर दिया गया। आशा कार्यकर्ताओं को दिमागी बुखार, डेंगू, मलेरिया सहित जल जनित और उष्ण मौसम से संबंधित बीमारियों के प्रति जनमानस को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने बैठक में वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए विभिन्न विभागों की सहभागिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ग्राम स्तर पर ग्राम प्रधान को नोडल बनाकर साफ-सफाई, जल निकासी और जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाया जाएगा। मनरेगा फंड से फॉगिंग की व्यवस्था और “क्या करें क्या न करें” जैसी जानकारियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

विभिन्न विभागों को उनके दायित्व भी निर्धारित किए गए। नगर विकास विभाग को नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों को स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर संवेदनशील बनाने, पंचायती राज विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी समितियों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने, पशुपालन विभाग को लेप्टोस्पायरोसिस जैसे रोगों की रोकथाम पर ध्यान देने, बाल विकास विभाग को कुपोषित बच्चों की पहचान और पोषण सुनिश्चित करने तथा शिक्षा विभाग को स्कूलों में प्रचार-प्रसार सामग्री प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।

कृषि विभाग को नहरों और तालाबों के किनारे उगी झाड़ियों को हटाने तथा कृतक नियंत्रण पर ध्यान देने को कहा गया, जबकि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को एईएस और जेई से प्रभावित बच्चों का सर्वे कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सभी विभागों को तय लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा गया कि अभियान की साप्ताहिक समीक्षा जिलाधिकारी स्तर पर की जाएगी।

प्रशासन का मानना है कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास और जनसहभागिता से संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। अभियान का उद्देश्य केवल बीमारियों की रोकथाम ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक कर एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण करना भी है।

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