नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच देश में एलपीजी की संभावित किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कमर्शियल LPG के आवंटन को 30% से बढ़ाकर 50% कर दिया है। यह नया नियम 23 मार्च 2026 से लागू हो गया है।
सरकार के इस फैसले से सबसे ज्यादा राहत होटल, रेस्तरां और ढाबा संचालकों को मिलने की उम्मीद है, जो हाल के दिनों में गैस की कमी से जूझ रहे थे। इसके साथ ही औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी सेक्टर को भी फायदा मिलेगा।
🔹 किन्हें मिलेगा सीधा फायदा
सरकार ने बढ़े हुए कोटे को ‘प्रायोरिटी सेक्टर’ के तहत वितरित करने का फैसला किया है, जिसमें शामिल हैं:
होटल, रेस्तरां और ढाबे
औद्योगिक एवं सब्सिडी वाली कैंटीन
फूड प्रोसेसिंग और डेयरी यूनिट्स
कम्युनिटी किचन
प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो गैस सिलेंडर
इसके अलावा स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों को भी प्राथमिकता दी गई है, जिससे जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।
🔹 प्रवासी मजदूरों को भी राहत
सरकार के इस फैसले से प्रवासी मजदूरों को 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर आसानी से उपलब्ध होंगे, जिससे उनकी दैनिक जरूरतें पूरी हो सकेंगी।
🔹 PNG कनेक्शन जरूरी
नई व्यवस्था के तहत कमर्शियल LPG लेने के लिए उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा। इसके साथ ही संबंधित गैस कंपनी में रजिस्ट्रेशन कराना भी अनिवार्य किया गया है।
🔹 भारत पेट्रोलियम की नई शर्त
भारत पेट्रोलियम ने अपने ‘भारतगैस’ कमर्शियल कनेक्शन के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसके अनुसार, उपभोक्ताओं को PNG के लिए स्थानीय सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से आवेदन करना होगा, तभी उन्हें कमर्शियल LPG की सप्लाई मिलेगी।
सरकार का यह कदम एक ओर जहां व्यापारिक क्षेत्रों में ईंधन की बढ़ती मांग को पूरा करेगा, वहीं दूसरी ओर स्वच्छ ऊर्जा (PNG) को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








