नई दिल्ली। प्रख्यात धर्मगुरु अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दावा किया है कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के अनुसार उनके सहयोगियों ने उन्हें जानकारी दी कि उन्हें अतीक अहमद की तरह मारने की धमकी दी गई है। धमकी देने वालों ने कथित तौर पर कहा कि पुलिस भी उनकी सुरक्षा नहीं कर पाएगी।
शंकराचार्य ने कहा कि वे अपने गौ-सेवा और राष्ट्रहित के अभियानों से पीछे नहीं हटेंगे। उनके अनुसार, इन्हीं अभियानों से नाराज लोग उन्हें धमका रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे किसी बड़ी “संस्था या विचारधारा” से जुड़े लोग हो सकते हैं, जिसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “मैं बहुत डरपोक हूं, लेकिन डरता हूं तो सिर्फ धर्म और यमराज से, सत्ता से नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि सबसे बड़ी सत्ता भगवान की है और वे सच बोलने से पीछे नहीं हटेंगे।
सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बहुसंख्यक समाज की भावनाओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में उनके समर्थकों पर एफआईआर दर्ज कर और दबाव बनाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
गौ-रक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि गौ-हत्या “डॉलर कमाने की राजनीति” का हिस्सा बन गई है और जो लोग इसका विरोध करते हैं, वही ऐसी धमकियों के पीछे हो सकते हैं। उन्होंने गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग दोहराई।
गंगा सफाई को लेकर भी उन्होंने सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि गंगा की स्थिति पहले से खराब हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे-छोटे बैराज बनाए जा रहे हैं, जिससे नदी की प्राकृतिक धारा प्रभावित हो रही है।
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गौ-रक्षा की मांग पिछले 70 वर्षों से लंबित है और यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी दबाव में नहीं झुकेंगे और अपने अभियान को जारी रखेंगे।
उन्होंने अंत में कहा, “जब तक भगवान ने आवाज दी है, मैं बोलता रहूंगा। अगर मुझे कुछ होता है, तो यह राज्य का विषय होगा।”








