शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। महान गायिका आशा भोसले के निधन पर सहारनपुर में शोक की लहर दौड़ गई। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई से जुड़े व्यापारियों एवं कला प्रेमियों ने रेलवे रोड स्थित जिला मुख्यालय कार्यालय पर एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन ने कहा कि आशा भोसले की आवाज में एक अलग ही जादू था, जिसने सात दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज किया। उन्होंने कहा कि भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में आशा भोसले का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा और उनकी गायकी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
शीतल टण्डन ने बताया कि 1933 में जन्मी आशा भोसले ने बहुत कम उम्र में अपने संगीत सफर की शुरुआत की थी। लता मंगेशकर की छोटी बहन होने के बावजूद उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और अपने हुनर के दम पर संगीत की दुनिया में एक अलग मुकाम हासिल किया।
सभा में उनके प्रसिद्ध गीतों का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’, ‘ओ हसीना ज़ुल्फों वाली’, ‘झुमका गिरा रे’, ‘इन आंखों की मस्ती में’ जैसे गीत आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। उनकी गायकी केवल हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बंगाली, मराठी, गुजराती सहित कई भाषाओं में उन्होंने अपनी अमिट छाप छोड़ी।
कार्यक्रम के दौरान उनके जीवन पर आधारित वीडियो डॉक्यूमेंट्री भी प्रदर्शित की गई और उपस्थित लोगों ने उनके गीतों की प्रस्तुति देकर उन्हें याद किया। वक्ताओं ने कहा कि भले ही आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनकी मधुर आवाज और कला हमेशा जीवित रहेगी।
श्रद्धांजलि सभा में जिलाध्यक्ष शीतल टण्डन, जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा, जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, मेजर एस.के. सूरी, मुरली खन्ना, जावेद खान सरोहा, के.के. गर्ग, रवि कर्णवाल, संदीप शर्मा, योगेश पंवार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।








