शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। नगर निगम में टैक्स वसूली को लेकर आयोजित एक अहम बैठक उस समय विवादों में घिर गई, जब नगर आयुक्त शिपू गिरि ने एक महिला अधिकारी के कामकाज पर नाराजगी जाहिर कर दी। मामला इतना बढ़ गया कि संबंधित महिला अधिकारी बैठक के दौरान ही भावुक होकर रोने लगीं, जिससे बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
घटना बृहस्पतिवार शाम की है, जब नगर निगम में टैक्स विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान नगर आयुक्त ने टैक्स वसूली की प्रगति पर सवाल उठाए और एक महिला अधिकारी की कार्यशैली पर असंतोष जताया। बताया जा रहा है कि नगर आयुक्त के तीखे तेवरों के चलते महिला अधिकारी भावनात्मक रूप से विचलित हो गईं और बैठक में ही रो पड़ीं।
स्थिति को देखते हुए नगर आयुक्त ने कहा कि “या तो आप बैठक छोड़ दें, या फिर मैं ही चला जाता हूं।” इस बयान के बाद बैठक का माहौल और अधिक असहज हो गया। महिला अधिकारी के साथ हुए व्यवहार को लेकर वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने नाराजगी जताई और विरोध स्वरूप बैठक बीच में ही छोड़ दी।
कर्मचारियों का कहना था कि टैक्स विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरी मेहनत और क्षमता के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम ने इस वित्तीय वर्ष में पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हुए करीब 64 करोड़ रुपये की वसूली की है, जो पिछले वर्ष से लगभग दो करोड़ रुपये अधिक है। ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
हालांकि, कुछ समय बाद स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने महिला अधिकारी को समझाकर शांत कराया, जिसके बाद मामला धीरे-धीरे सामान्य हो गया। नगर निगम प्रशासन की ओर से भी इस पूरे घटनाक्रम पर आंतरिक स्तर पर समीक्षा की जा रही है।
यह घटना नगर निगम के कार्य वातावरण और प्रशासनिक व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी बैठकों में अनुशासन और संवेदनशीलता दोनों का संतुलन आवश्यक है, ताकि कर्मचारियों का मनोबल बना रहे और कार्यकुशलता प्रभावित न हो।







