शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में मिशन शक्ति-50 के द्वितीय चरण के अंतर्गत ‘अनन्ता व शक्ति संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं के सशक्तिकरण और जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय की कुलपति श्रीमती वाई. विमला ने की, जबकि शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें पुलिस अधीक्षक (यातायात) और जिला प्रोबेशन अधिकारी भी शामिल रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति श्रीमती वाई. विमला ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए और मोबाइल के दुरुपयोग से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता और जागरूकता ही एक मजबूत समाज की आधारशिला है और इसी के माध्यम से महिलाएं अपने अधिकारों को बेहतर तरीके से समझ सकती हैं।

इस अवसर पर जनपद में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 35 महिलाओं को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी विस्तार से दी गई। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत लाभान्वित चार बच्चों को लैपटॉप वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया और उनके साथ संवाद कर मार्गदर्शन भी दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मान पत्र प्रदान किए गए। जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक कुमार पाण्डेय ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसी योजनाओं और सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सखी-वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को तत्काल सहायता, परामर्श और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक नेहा शर्मा, सखी वन स्टॉप सेंटर की सरिता सैनी, संरक्षण अधिकारी एकता शर्मा, रूपा हरित, रोविन सैनी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर जोर देते हुए कहा कि इससे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद मिलेगी।







