शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। शहर के व्यापारियों ने ऑनलाइन वाणिज्य कंपनियों के तेजी से बढ़ते और अनियंत्रित विस्तार पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए छोटे एवं फुटकर व्यापारियों के संरक्षण के लिए ठोस और सख्त नियम लागू करने की मांग की है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, महानगर इकाई के नेतृत्व में व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर विधायक के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग उठाई।
व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष विवेक मनोचा, वरिष्ठ महामंत्री सुरेंद्र मोहन सिंह चावला, महामंत्री पुनीत चौहान एवं कोषाध्यक्ष सुधीर मिगलानी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नगर विधायक राजीव गुंबर के गोविंद नगर स्थित आवास पर पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
असमान प्रतिस्पर्धा से प्रभावित हो रहा पारंपरिक व्यापार
ज्ञापन में कहा गया कि ऑनलाइन व्यापार मंच भारी छूट, चयनित विक्रेताओं को प्राथमिकता और गणनात्मक प्रणाली आधारित मूल्य निर्धारण के जरिए बाजार में असंतुलित प्रतिस्पर्धा पैदा कर रहे हैं। इससे छोटे और पारंपरिक व्यापारी आर्थिक दबाव में आ गए हैं तथा कई दुकानदार अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं।
व्यापार मंडल ने आरोप लगाया कि विदेशी पूंजी के बल पर घाटे में बिक्री और आक्रामक छूट नीति से स्थानीय व्यापारियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता कमजोर हो रही है। इससे न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 तथा उपभोक्ता संरक्षण (ऑनलाइन व्यापार) नियम 2020 के प्रावधानों के बावजूद कई ऑनलाइन कंपनियां नियमों की भावना के विपरीत कार्य कर रही हैं।
संयुक्त निगरानी तंत्र की मांग
व्यापार मंडल ने मांग की कि ऑनलाइन व्यापार गतिविधियों की प्रभावी निगरानी के लिए वाणिज्य मंत्रालय और उपभोक्ता मामले मंत्रालय के बीच संयुक्त निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए। साथ ही पंजीकृत पारंपरिक व्यापारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा, आपदा राहत और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू की जाएं, ताकि छोटे व्यापारियों को सुरक्षा कवच मिल सके।
‘स्थानीय के लिए आवाज’ को मिले मजबूती
व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार ‘स्थानीय के लिए आवाज’ और स्वदेशी व्यापार के संरक्षण की भावना के अनुरूप छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी नीति नहीं बनाई गई तो पारंपरिक बाजार व्यवस्था पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
प्रतिनिधिमंडल में शहर के अनेक व्यापारी उपस्थित रहे। व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि स्थानीय बाजारों की मजबूती ही देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाना समय की आवश्यकता है।








