शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त विद्यालय शिक्षक संघ के बैनर तले निजी स्कूल संचालकों और शिक्षकों ने बेरीबाग स्थित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर बकाया भुगतान, फर्जी जांच और विभागीय भ्रष्टाचार के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान एक शिक्षक ने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान न होने पर वह 17 मार्च को लखनऊ स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय लखनऊ पर आत्मदाह करेगा। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अशोक मलिक ने शिक्षा विभाग पर निजी स्कूलों के शोषण और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से लंबित फीस प्रतिपूर्ति का पूरा भुगतान नहीं किया गया है

और विभागीय अधिकारी सुविधा शुल्क के बिना कार्य नहीं कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकारी मशीनरी ने जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो इसका असर आगामी चुनावों में दिखाई देगा। अभिभावकों की ओर से समर्थन देते हुए फरहा फैज, अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया, ने आरोप लगाया कि आरटीई योजना का लाभ पात्र गरीब बच्चों के बजाय पैसे देकर आवेदन करने वालों को मिल रहा है। वहीं संगठन पदाधिकारियों ने यू-डाइस और आरटीई पोर्टल में गड़बड़ी, फर्जी जांच और मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न के भी आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।








