शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद के नागल ग्राम पंचायत में नलकूप और मोटर लगाने के नाम पर लाखों रुपये के कथित घोटाले में दोषी पाए गए तत्कालीन सचिव के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई न होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता द्वारा कई बार शिकायत और जांच के बावजूद मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में ग्राम पंचायत नागल में तत्कालीन सचिव प्रवीण शर्मा द्वारा तालाब से पानी निकासी के लिए नलकूप और मोटर लगाने के नाम पर 1,07,466 रुपये की धनराशि निकाली गई थी। कस्बा निवासी इखलाक ने 20 अक्टूबर 2020 को बिल, वाउचर और शपथ पत्र के साथ शिकायत दर्ज कर जांच की मांग की थी। जांच के दौरान मौके पर नलकूप और मोटर नहीं पाए गए, जिससे अनियमितता की पुष्टि हुई। इसके बाद वर्ष 2023 में तत्कालीन एडीओ पंचायत प्रमोद कुमार ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। वहीं 27 नवंबर 2025 को शिकायतकर्ता ने जिला पंचायत राज अधिकारी से दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी प्रदीप कुमार ने 17 जनवरी 2026 को सहायक विकास अधिकारी पंचायत, ब्लॉक गंगोह और कंसल्टिंग इंजीनियर, ब्लॉक पुवारंका को जांच अधिकारी नामित कर 15 दिनों में जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। हालांकि आदेश जारी होने के तीन सप्ताह बाद भी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई और न ही अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया। इससे प्रशासनिक उदासीनता और संभावित सांठगांठ की आशंका जताई जा रही है। शिकायतकर्ता और ग्रामीणों ने मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है या मामला जांच के नाम पर लंबित ही रहता है।








