शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। हाल ही में कुछ दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित “बाढ़ राहत सामग्री के नाम पर 18.35 लाख की धोखाधड़ी” शीर्षक से आई खबर को लेकर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन का कहना है कि यह मामला सहारनपुर जनपद में बाढ़ राहत सामग्री की आपूर्ति या भुगतान से संबंधित नहीं है, बल्कि यह दो पक्षों के बीच आपसी लेन-देन का विवाद है।
कार्यालय जिलाधिकारी सहारनपुर (जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) द्वारा जारी प्रेस नोट में बताया गया कि 9 मार्च 2026 को प्रकाशित इस खबर से यह भ्रम पैदा हो गया था कि मामला जनपद में बाढ़ राहत सामग्री की आपूर्ति से जुड़ा है। जबकि वास्तविकता यह है कि फर्म रुद्राक्ष एग्रो, नवीन मंडी स्थल पडरी शंकर गोण्डा के मैनेजर रामलल्लन शुक्ला ने महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी सहारनपुर के आशीष सिंघल और सविता सिंघल के खिलाफ अपने आपसी भुगतान विवाद के कारण एफआईआर दर्ज कराई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकरण का सहारनपुर जनपद की बाढ़ राहत सामग्री की आपूर्ति या भुगतान से कोई संबंध नहीं है। साथ ही यह भी बताया गया कि जिला प्रशासन की ओर से आशीष सिंघल और सविता सिंघल के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सलिल कुमार पटेल ने कहा कि मामले को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है, ताकि जनसामान्य को सही जानकारी मिल सके।








