शहरी चौपाल ब्यूरो
देवबंद (सहारनपुर)। देवबंद क्षेत्र में अवैध पशु कटान का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है और अब यह दो गुटों के बीच वर्चस्व की जंग का रूप लेता दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार इस अवैध धंधे से हर साल करोड़ों रुपये की आमदनी होती है, जिसके चलते कई लोग इसमें सक्रिय बताए जा रहे हैं।
बताया जाता है कि देवबंद में कोई अधिकृत कमेला संचालित नहीं है। नगर पालिका के अनुसार केवल दो से तीन लोगों को ही पशुओं का मीट बेचने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया है, जबकि क्षेत्र में करीब 100 से अधिक मीट की दुकानें संचालित हो रही हैं। इनमें से केवल 32 दुकानों के पास ही लाइसेंस होने की बात कही जा रही है। ऐसे में बिना लाइसेंस चल रही दुकानों पर मीट की आपूर्ति कहां से हो रही है, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।

सूत्रों का दावा है कि देवबंद अवैध कटान का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है, जहां से सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, पुरकाजी और शामली तक मीट की आपूर्ति की जा रही है। जबकि प्रदेश सरकार द्वारा अवैध कटान पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद यह धंधा लगातार जारी रहने से प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
गुटबाजी से गैंगवार की आशंका
सूत्रों के अनुसार अवैध कटान के कारोबार से जुड़े लोगों के बीच अब दो गुट बन गए हैं और दोनों के बीच वर्चस्व को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस धंधे में कई आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के शामिल होने की बात भी सामने आ रही है, जिसके कारण क्षेत्र में गैंगवार जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है।
होली के दिन हुआ था कटान का खुलासा
हाल ही में होली के दिन पुलिस ने एक व्यक्ति के घर पर छापा मारकर गोवंश कटान का मामला पकड़ा था। इस दौरान पुलिस मुठभेड़ में आरोपी घायल भी हुआ था। इसके बावजूद अवैध कटान का कारोबार पूरी तरह रुकता नजर नहीं आ रहा है।
पुलिस ने जांच की कही बात
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक देहात सागर जैन का कहना है कि देवबंद में अवैध कटान की शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।








