शहरी चौपाल ब्यूरो
शामली। राजकीय फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केन्द्र, शामली द्वारा ग्रामीण बेरोजगार युवक-युवतियों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2023 के अंतर्गत मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत दो दिवसीय जागरूकता एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन ग्राम मीमला, विकासखंड कांधला में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा मंडल उपाध्यक्ष डा. उमेश कुमार, समाजसेवी प्रतीक गर्ग, अशोक आर्य, राकेश गर्ग और संजय धीमान ने संयुक्त रूप से फीता काटकर तथा प्रशिक्षार्थियों को लेखन सामग्री वितरित कर किया।
इस अवसर पर डा. उमेश कुमार ने कहा कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवक-युवतियां खाद्य प्रसंस्करण की लघु इकाइयां स्थापित कर स्वरोजगार प्राप्त कर सकते हैं। इससे न केवल स्वयं को रोजगार मिलेगा, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।

समाजसेवी प्रतीक गर्ग ने कहा कि लोगों को मिलावटी और अत्यधिक रंग वाले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए तथा स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। वहीं राकेश गर्ग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, उत्पादकता और उनके रखरखाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सहायक आयुक्त उद्योग रविन्द्र सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत कम पूंजी में निवेश कर ग्रामीण युवा लाभान्वित हो सकते हैं। इससे गांव से शहर की ओर रोजगार के लिए होने वाले पलायन को भी रोका जा सकेगा।
केंद्र प्रभारी धर्मेन्द्र पाल राठी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम 14 मार्च से 15 मार्च 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को प्रयोगात्मक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षण के बाद इच्छुक लोगों के लघु उद्योग स्थापित करने के प्रस्ताव भी तैयार कराए गए। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा मशीन व उपकरण की खरीद पर एक लाख रुपये तक का अनुदान भी दिया जाएगा।
कार्यक्रम का समापन ग्राम प्रधान मीमला विनय चौहान ने प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित कर किया और सरकार की इस योजना से लाभ उठाकर उज्ज्वल भविष्य बनाने की शुभकामनाएं दीं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 30 प्रशिक्षार्थियों सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।









