शहरी चौपाल ब्यूरो
देवबंद। तहसील क्षेत्र में रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज आंधी और भारी बरसात के कारण गांव-गांव में गेहूं, सरसों और तिलहन की सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो गई। फसलें गिरने और खेतों में पानी भर जाने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। पीड़ित किसानों ने सरकार से नुकसान का आकलन कर आर्थिक सहायता जारी करने की मांग की है।
रविवार देर रात अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दीं। तेज आंधी के साथ हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि के चलते खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल गिर गई। कई स्थानों पर खेतों में कटी पड़ी सरसों की फसल भी पानी भरने से खराब हो गई। किसानों का कहना है कि इस समय फसल कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन खराब मौसम ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

किसान आदेश कुमार, राकेश त्यागी, मोहम्मद तहसीन और ललित कुमार सहित अन्य किसानों ने बताया कि क्षेत्र में गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कुछ स्थानों पर तो फसल इतनी खराब हो गई है कि वह उपयोग के लायक भी नहीं बची। किसानों ने बताया कि अचानक आई ओलावृष्टि और बरसात ने उनकी महीनों की मेहनत को बर्बाद कर दिया।
किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर किसानों को शीघ्र आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए।
वहीं तेज आंधी और बरसात के कारण कई स्थानों पर पेड़ भी टूटकर गिर गए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो गई। विद्युत विभाग के कर्मचारी खराब पड़ी बिजली लाइनों को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही बिजली व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी।








