शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। पुलिस लाइन सहारनपुर स्थित सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी सिटी व्योम बिंदल ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आयुष्मान योजना के बकाया भुगतान के नाम पर की गई ठगी में बरामद सात लाख रुपये की नकद धनराशि माननीय न्यायालय के आदेश के बाद पीड़ित को सुपुर्द कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि 11 नवंबर 2024 को डॉ. प्रभात कुमार वर्मा निवासी कीर्थपुरी कॉलोनी, महीपुरा, थाना जनकपुरी ने थाना साइबर क्राइम थाना सहारनपुर में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि उनके अस्पताल के आयुष्मान योजना के बकाया भुगतान को दिलाने के नाम पर जालसाजों ने उनसे 90 लाख 59 हजार 600 रुपये की साइबर ठगी कर ली थी।

इस संबंध में थाना साइबर क्राइम में मुकदमा संख्या 83/24 धारा 318(4) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर अपराध की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक इन्द्रेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खातों से 2 लाख 76 हजार रुपये फ्रीज कराए तथा अभियुक्त की निशानदेही पर उसके घर से 7 लाख रुपये नकद बरामद किए।
बरामद धनराशि न्यायालय में प्रस्तुत की गई थी। माननीय न्यायालय के आदेश के बाद 16 मार्च 2026 को सात लाख रुपये की नकद धनराशि पीड़ित को सुपुर्द कर दी गई। इसके अलावा एक स्कोडा सुपर्ब कार और फ्रीज की गई धनराशि भी न्यायालय के आदेश के बाद पीड़ित को सौंपी जाएगी।
इस मामले में मुख्य आरोपी अंकित जायसवाल निवासी रामनगर कॉलोनी फैजुल्ला गंज लखनऊ, अभय शर्मा और विवेक शर्मा निवासी छितवापुर पजावा थाना हुसैनगंज लखनऊ को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
धनराशि बरामद करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक इन्द्रेश सिंह, हेड कांस्टेबल रोहित कुमार, कांस्टेबल शकुन कुमार और कांस्टेबल अंकित कुमार शामिल रहे।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध ऐप डाउनलोड न करें और किसी को भी ओटीपी साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।








