शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। महानगर निवासी संजय मित्तल ने अपने इकलौते पुत्र राघव के निधन के बाद उसके दोनों नेत्र दान कर मानवता की मिसाल पेश की है। राघव की आंखों से अब दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में फिर से उजाला लौट सकेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार दृष्टि एक प्रयास संस्था के अध्यक्ष डॉ. अमित गर्ग के साले संजय मित्तल एवं अनिल मित्तल ने नेत्रदान की इच्छा व्यक्त की। इसके पश्चात रोशनी आई बैंक चिकित्सालय सोसाइटी, सहारनपुर की टीम को सूचित किया गया। चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. श्वेता, डॉ. ए.के. सिंह एवं डॉ. दीपक शर्मा सहित आई बैंक की टीम ने देर रात करीब 2 बजे पहुंचकर राघव के दोनों नेत्रों के कॉर्निया सुरक्षित रूप से प्राप्त किए, जिनका प्रत्यारोपण अब जरूरतमंद नेत्रहीन व्यक्तियों में किया जाएगा। राघव का जीवन संघर्षों से भरा रहा। जन्म के दो वर्ष बाद से ही वह मानसिक अपंगता एवं अविकसितता की समस्या से जूझ रहा था। माता स्वाति और पिता संजय ने देश के कई प्रसिद्ध अस्पतालों में उसका उपचार कराया, लेकिन कोई विशेष लाभ नहीं मिल सका। अंततः 21 वर्ष की अल्पायु में राघव ने इस संसार को अलविदा कह दिया, लेकिन जाते-जाते दो जिंदगियों को रोशनी देकर अमर हो गया। दृष्टि एक प्रयास संस्था के अनुसार, गंगोह क्षेत्र में अब तक 45 जोड़ी यानी 90 आंखों का सफल नेत्रदान कराया जा चुका है, जिससे 90 नेत्रहीन व्यक्तियों का ेदृश्टि मिल चुकी है। साथ ही लगभग 750 लोगों द्वारा नेत्रदान संकल्प पत्र भी भरे जा चुके हैं। संस्था के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्र में भी नेत्रदान के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है, जो मानव सेवा के प्रति लोगों की संवेदनशीलता को दर्शाती है। इस अवसर पर दृश्टि संस्था के अध्यक्ष डॉ. अमित गर्ग, शशिकांत शर्मा, कोषाध्यक्ष डॉ. विनीत अग्रवाल सहित हिमांशु, आयुष, संजीव गोयल, संजीव जिंदल, अमरीश सिंघल, वाशु, षशांक, रीता, स्वाति, सीमा, अनुराधा, सुनीता, साधना, मुस्कान, तान्या, अनीता, हर्ष, चंचल, मृदुला, कन्हैया एवं अन्य परिजन उपस्थित रहे।o








