शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों को सस्ती और सुगम परिवहन सेवा से जोड़ने की दिशा में तेजी लाई जा रही है। योजना का उद्देश्य प्रदेश की सभी 59,163 ग्राम पंचायतों को परिवहन सुविधा से जोड़ते हुए ग्रामीण जनता को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय तक सीधी व सुरक्षित पहुंच उपलब्ध कराना है।

योजना के तहत 15 से 28 सीट क्षमता वाली डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इन वाहनों की अधिकतम आयु 8 वर्ष निर्धारित की गई है। बसों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के साथ अधिकतम 10 वर्ष के लिए जोड़ा जाएगा, जिसे आगे 5-5 वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकेगा।
इस योजना में निजी बस संचालकों को परमिट लेने की आवश्यकता नहीं होगी और वे अपने मार्ग का चयन स्वयं कर सकेंगे। आवेदन शुल्क 2000 रुपये निर्धारित किया गया है। आवेदन की अंतिम तिथि 28 मार्च 2026 तय की गई है, जिसे सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम के समक्ष जमा करना होगा।
अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारी
योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर 19 मार्च को संभागीय परिवहन कार्यालय में बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों और बस यूनियन के पदाधिकारियों को योजना के महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया गया।
बैठक में मनोज कुमार सिंह (संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन), योगेंद्र प्रताप सिंह (क्षेत्रीय प्रबंधक), एमपी सिंह (सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन), मानवेन्द्र प्रताप सिंह (सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन) और रोहित कुमार सिंह (संभागीय निरीक्षक प्राविधिक) सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा निजी बस यूनियन के पदाधिकारी इमरान, श्यामसुंदर, रविंद्र, जयंत, अकबर, संतोष महेश्वरी, मुकेश त्यागी, नासिर जमाल और रहतू सिंह भी बैठक में उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने बताया कि यह योजना दूरस्थ और असंबद्ध गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और ग्रामीण विकास को नई गति









