शहरी चौपाल ब्यूरो
झिंझाना / शामली। सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते झिंझाना से भैंसवाल तक करीब 10 किलोमीटर लंबे नाले की सफाई अधूरी नजर आ रही है। कागजों में भले ही सफाई कार्य पूरा दिखाया गया हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई दे रही है।
नाले की सफाई के दौरान निकाली गई गंदगी, मिट्टी और कूड़े के बड़े-बड़े ढेर पिछले 8–10 दिनों से नाले की पटरी पर ही पड़े हुए हैं। इससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कूड़े से उठ रही दुर्गंध से आसपास का वातावरण प्रदूषित हो रहा है, वहीं सड़क किनारे पड़े मिट्टी के ढेर आवागमन में बाधा बन रहे हैं और दुर्घटना की आशंका भी बढ़ा रहे हैं।
स्थानीय निवासी ओम प्रकाश सैनी, राजेश, राकेश, राजकुमार और नेपाल का कहना है कि जब तक कूड़ा पूरी तरह नहीं उठाया जाता, तब तक सफाई कार्य को पूरा नहीं माना जा सकता। उनका आरोप है कि नाले में अभी भी कूड़ा-कचरा और घास मौजूद है, जिससे साफ है कि कार्य अधूरा है।
इस संबंध में सिंचाई विभाग के अवर अभियंता कुलदीप सिंह ने बताया कि भैंसवाल से झिंझाना तक नाले की सफाई कराई गई है। यदि कहीं कमी रह गई है तो उसे ठीक कराया जाएगा और किनारों पर डाले गए कूड़े व मिट्टी को जल्द हटवाया जाएगा।
हालांकि, सवाल यह बना हुआ है कि सफाई के बाद कूड़ा उठाने में हो रही देरी से आम जनता को कब तक परेशानी झेलनी पड़ेगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की है।








