अरविंद कौशिक
कैराना , जनपद शामली के कैराना क्षेत्र में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत Shamli Police को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है जहां कोतवाली कैराना की साइबर सेल टीम ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए निकाली गई 2 लाख 8 हजार 800 रुपये की धनराशि पीड़ित के खाते में वापस कराई है इस कार्रवाई के बाद पुलिस की कार्यशैली की क्षेत्र में जमकर सराहना की जा रही है
प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बा कैराना के मोहल्ला दरबारखुर्द निवासी नवाजिश और उसके परिजनों के बैंक खातों से अज्ञात साइबर ठगों ने अलग अलग तिथियों पर ऑनलाइन धोखाधड़ी करते हुए बड़ी रकम निकाल ली थी बताया गया कि 20 जनवरी 2025 और 30 मार्च 2025 को ठगों ने डिजिटल माध्यम का दुरुपयोग करते हुए कुल 3 लाख 97 हजार 100 रुपये की धनराशि पार कर दी थी
घटना के बाद पीड़ित परिवार में हड़कंप मच गया और उन्होंने तत्काल कोतवाली कैराना पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक समय पाल सिंह अत्री के निर्देशन में साइबर हेल्पडेस्क और साइबर सेल की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंकों से पत्राचार किया और ट्रांजैक्शन की डिटेल खंगालनी शुरू की पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता के जरिए उन खातों की पहचान की जिनमें यह धनराशि ट्रांसफर की गई थी
लगातार प्रयास और समन्वय के चलते साइबर सेल की टीम ने सफलतापूर्वक 2 लाख 8 हजार 800 रुपये की धनराशि को रिकवर कर लिया और उसे पीड़ित व उसके परिजनों के खातों में वापस करा दिया इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक शामली नरेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में टीम ने काम किया उनके निर्देशों के बाद साइबर सेल ने मामले को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया और जल्द से जल्द धनराशि वापस दिलाने में सफलता हासिल की
इसके अलावा अपर पुलिस अधीक्षक सुमित शुक्ला और क्षेत्राधिकारी कैराना हेमंत कुमार के पर्यवेक्षण में भी इस मामले की निगरानी की गई जिससे जांच प्रक्रिया में तेजी आई
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक समयपाल अत्री की सक्रिय भूमिका भी इस मामले में महत्वपूर्ण रही उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया
इस सफलता में अपराध निरीक्षक योगेंद्र सिंह वरिष्ठ उप निरीक्षक अरुण कुमार कंप्यूटर ग्रेड बी अनिल कुमार कांस्टेबल मानवेन्द्र सिंह सहित साइबर सेल की पूरी टीम का योगदान रहा जिन्होंने समन्वय और मेहनत के साथ इस केस को सफल बनाया
अपनी धनराशि वापस मिलने के बाद पीड़ित नवाजिश और उसके परिवार ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया उन्होंने कहा कि पुलिस की तत्परता और मेहनत के कारण ही उन्हें इतनी बड़ी राहत मिल पाई है
पुलिस अधिकारियों ने इस अवसर पर आम जनता से अपील की कि वे साइबर अपराधियों से सतर्क रहें और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें ओटीपी पिन या पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी को भी न दें
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के साथ किसी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है तो वह तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करे या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए समय पर की गई शिकायत से धनराशि वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है
आज के डिजिटल युग में जहां ऑनलाइन लेनदेन तेजी से बढ़ रहा है वहीं साइबर अपराधियों के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है
यह मामला इस बात का उदाहरण है कि यदि पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय हो तो साइबर अपराध के मामलों में पीड़ितों को राहत दिलाई जा सकती है
अंततः यह कहा जा सकता है कि कैराना पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल एक पीड़ित परिवार को राहत दी है बल्कि आम जनता के बीच यह विश्वास भी मजबूत किया है कि कानून व्यवस्था और साइबर सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह सक्रिय और प्रतिबद्ध है








