मुठभेड़ में 10 हजार का इनामी गौकश शकील घायल गिरफ्तार, खतौली पुलिस की बड़ी कार्रवाई

मुजफ्फरनगर के खतौली में पुलिस मुठभेड़ के दौरान 10 हजार रुपये का इनामी गौकश शकील घायल अवस्था में गिरफ्तार। अवैध तमंचा और बिना नंबर मोटरसाइकिल बरामद, कई मामलों में था वांछित।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

मुजफ्फरनगर: जनपद मुजफ्फरनगर के खतौली थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के दौरान 10 हजार रुपये के इनामी गौकश अभियुक्त को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश गया है और कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत खतौली पुलिस टीम द्वारा 27 मार्च 2026 को एनएच-58 हाईवे पर ग्राम सरधन जाने वाले मार्ग पर संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति पुलिस को देखकर अचानक मुड़कर भागने लगा। पुलिस टीम ने शक होने पर उसका पीछा किया, लेकिन घबराहट में उसकी मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गई।

खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी और पास के गन्ने के खेत में भागने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने संयम और सतर्कता दिखाते हुए पहले आरोपी को आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन जब वह नहीं माना तो आत्मरक्षार्थ नियंत्रित फायरिंग की गई, जिसमें आरोपी घायल हो गया।

घायल बदमाश की पहचान शकील पुत्र बिन्नी निवासी ग्राम रुहासा, थाना दौराला जिला मेरठ हाल निवासी कस्बा खतौली के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस .315 बोर तथा बिना नंबर की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात की फिराक में था।

पुलिस के अनुसार, शकील थाना खतौली में दर्ज एक गंभीर मुकदमे में वांछित चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उसके खिलाफ गौवध अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

अभियुक्त का आपराधिक इतिहास भी लंबा है। वर्ष 2018 में सरधना थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ गौकशी से संबंधित मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा 2024 में भी पशु क्रूरता अधिनियम और गौवध से जुड़े मामलों में वह संलिप्त पाया गया। वर्ष 2026 में भी उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, अवैध गतिविधियों और आयुध अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं।

इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक दिनेश चन्द्र बघेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजकुमार बालियान, उपनिरीक्षक मनोज कुमार, सूर्य प्रताप सिंह सहित कई पुलिसकर्मी शामिल रहे, जिन्होंने बहादुरी और तत्परता से कार्रवाई को अंजाम दिया।

मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई दर्शाती है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा रहा है और किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अपराध करने वालों के खिलाफ इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और अपराधियों के हौसले पस्त होंगे। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान से आम जनता में विश्वास बढ़ा है कि कानून का राज कायम है और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है।

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