शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद के ग्राम चंद्रोली मुगल माजरा में आयोजित किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक में गन्ना भुगतान का मुद्दा जोर-शोर से उठा। भारतीय किसान यूनियन वर्मा एवं पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि सहारनपुर जिले की आठ चीनी मिलों पर किसानों का करीब 316 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान बकाया है, जिससे किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि टोडरपुर चीनी मिल पर पिछले वर्ष का भी लगभग 20 करोड़ रुपये भुगतान लंबित है। किसानों का आरोप है कि कड़ी मेहनत और कर्ज लेकर तैयार की गई फसल का भुगतान समय पर नहीं मिल रहा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है।
बैठक को संबोधित करते हुए भगत सिंह वर्मा ने कहा कि नियमों के अनुसार चीनी मिलों को 14 दिन के भीतर गन्ना भुगतान करना अनिवार्य है। यदि भुगतान में देरी होती है तो किसानों को 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और गन्ना विभाग इस नियम का सख्ती से पालन कराने में विफल रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वर्षों में देरी से किए गए भुगतान पर ब्याज की राशि 600 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी इस संबंध में आदेश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद किसानों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।
भगत सिंह वर्मा ने कहा कि सहारनपुर मंडल की 19 चीनी मिलों पर कुल 1011 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान और करीब 1800 करोड़ रुपये ब्याज बकाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही भुगतान नहीं किया गया तो किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
उन्होंने बढ़ती महंगाई और लागत को देखते हुए गन्ने का लाभकारी मूल्य कम से कम 700 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित करने की मांग की। साथ ही उन्होंने डॉ एमएस स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार C2+50 प्रतिशत फार्मूले के तहत गन्ने का मूल्य 825 रुपये प्रति कुंतल तय करने की बात भी कही।
बैठक में गन्ना तौल केंद्रों पर हो रही कथित घटतौली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए भगत सिंह वर्मा ने कहा कि इसमें लिप्त चीनी मिल मालिकों और गन्ना समिति के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से मनरेगा योजना को खेती से जोड़ने की मांग करते हुए कहा कि इससे किसानों को समय पर मजदूर मिल सकेंगे और खेती का कार्य सुचारू रूप से चल सकेगा।
बैठक में प्रदेश सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि गन्ना भुगतान, ब्याज भुगतान, घटतौली पर रोक और गन्ने का उचित मूल्य निर्धारित नहीं किया गया तो किसान आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
बैठक की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद मुकर्रम प्रधान ने की, जबकि संचालन प्रदेश महासचिव संदीप एडवोकेट ने किया। इस दौरान पंडित नीरज कपिल, मास्टर रईस अहमद, महबूब हसन, हाजी बुद्धू हसन, हाजी साजिद, मोहम्मद कामिल, मोहम्मद सद्दाम, मोहम्मद सरफराज, अब्दुल सलाम, मोहम्मद मुनव्वर और राशिद सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया और सरकार से जल्द समाधान की मांग की।








